रसवाणिज्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसवाणिज्य – मक्खन, लोनी आदि का व्यापार Rasavanijya-Business of dairy product
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसवाणिज्य – मक्खन, लोनी आदि का व्यापार Rasavanijya-Business of dairy product
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शासन – Shaasana. Regime, Discipline, Rules. अनुशासन, आज्ञा जिसके द्वारा समस्त जीवजीवादिक पदार्थ जाने जाते हैं वह आज्ञा या आगम शासन कहलाता है ” वर्तमान में भगवान महावीर का शासन काल चल रहा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय ब्रह्मचर्य – Nishchaya Brahmacharya. Absolute engrossment into own soul. ब्रह्म शब्द का अर्थ निर्मल ज्ञान स्वरूप आत्मा है, मुनि अवस्था में उस आत्मा में लीन होना निश्चय –ब्रह्मचर्य है “
उत्साह Earnestness, Enthusiasm, Name of the 15th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era. उमंग इच्छा भूतकालीन 15 वें तीर्थंकर (उत्साहनाथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयगुप्ती – Nishchayagupti. Absolute purety of soul (with mind, speech & body). मुनि अवस्था में सहज शुद्ध आत्मा-भावनारूप गुप्त स्थान में संसार के कारणभूत रागादि के भय से अपने को छिपाना अर्थात् मन वचन काय की रागादि प्रवृत्तियों से निवृत्त होना”
इहलोकाशंसा प्रयोग Desire to become a king etc. related to this world. इस लोक से संबंधित आकांक्षा होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस देव – व्यंतर जातीय देवो के 8 भेदो में एक भेद। Raksas (deva)-A type of peripatetic deities
उपासकाध्ययन A type of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्रव्यश्रुतज्ञान का सातवाँ अंक जिसमें श्रावक धर्म का विशेष विवेचन किया गया है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदेव – बारस अणुुवेक्खा के रचियता एक अपभ्रंष कवि ई्र ष 15 मध्यपाद, तत्वार्थ सूत्र टीका के रचियता एक भटट्ारक ई सन् 1570 Yogadeva-Name of some great personalities