दर्शन सागर (आचार्य)!
दर्शन सागर (आचार्य) Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Nirmalsagar Maharaj. आचार्य श्री निर्मलसागर महाराज के शिष्य (ई.श. 20-21)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन सागर (आचार्य) Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Nirmalsagar Maharaj. आचार्य श्री निर्मलसागर महाराज के शिष्य (ई.श. 20-21)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शील – Sheela. Virtuous and moral conduct. दान, पूजा, शील, उपवास गृहस्थों के इन 4 धर्मों में से एक ” दया, व्रतों की रक्षा, ब्रह्मचर्य एवं सदगुणोंका पालन करना शील कहलाता है ” अथवा व्रतों की रक्षा करने वाले 3 गुणव्रत एवं 4 शिक्षाव्रत को शील कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैगमनय – Naiamanya Figurative standpoint that indicates circumstatial knowledge 7 नयों में प्रथम नय; यह अनिष्पत्र अर्थ में संकल्प मात्र को विषय करता है ” जैसे-किसी मनुष्य को पापी लोगों का समागम करते हुए देखकर नारकी कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रचमर – Vajrachmar Name of the first chief disciple of Lord Padmaprabhu. तीर्थंकर पद्मप्रभु ले प्रथम गणधर, अपरनाम वज्रचमर था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचन्द्र भट्टारक – Nemichandra bhattaaraka. See – Nemichandra. देखें – नेमिचंद्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिष्य – Shishya. Disciple, Follower, A pupil. चेला, विद्यार्थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलोद्यान – Neelodyaana. Name of the initiation forest of Lord Munisuvratnath. मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दीक्षा वन का नाम ” अपरनाम नीलवन “
दर्शन मोह Right faith deluding Karmas. मोहनीय कर्म का एक भेद जो सम्यग्दर्शन को प्रगट नही होने देता। इसके मिथ्यात्व, सम्यक् मिथ्यात्व, सम्यक्तव प्रकृति ये तीन भेद हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यति–Yati. Saints at the stage of higher austerity. जो इन्द्रिय जय के द्वारा अपने शुद्धात्म स्वरुप में प्रयत्नशील होता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीतिक्रिया – Neetikriyaa. Judicial activity. न्याय; जिसके द्वारा निश्चय किता जाए “