निसर्गाधिकरण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्गाधिकरण – Nisargaadhikarana. To be involved in wrongful activities. अजीवाधिकरण का एक भेद; मन, वचन, और शरीर के द्वारा दुष्ट प्रव्रत्ति करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्गाधिकरण – Nisargaadhikarana. To be involved in wrongful activities. अजीवाधिकरण का एक भेद; मन, वचन, और शरीर के द्वारा दुष्ट प्रव्रत्ति करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृक्षमूल –Vrksamula. Root of trees, A type of meditation to be observed under the tree. वृक्ष की जड़, एक प्रकार का योग, वर्षाकाल में वृक्ष के नीचे ध्यान लगाना, वृक्षमूल योग कहलाता हैं
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (असूनृत) – Vachan (Asuunrta).: Coarse or vulgar language. असत्य वचन के 4 भेदों में अंतिम भेद; निंद्य, अप्रिय, पापयुक्त वचन बोलना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठापक – Nishthaapaka. Accomplisher, one who fulfills religious duties. धार्मिक कार्य आदि को संपन्न करने वाला “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतन:Decay, decline, An obstacle in saints food (sudden falling down of a saint while taking food). गिरना, च्युत होना, आहार लेते समय यदि साधु मूर्छा आदि आने से गिर पड़ते है तो यह पतन नाम का अंतराय है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूककेवली–Mukakevali. Silent omniscient (having without resonant sound). कोई–कोई केवली उपदेश नहीं देता अर्थात दिव्यध्वनी नहीं खिरती उन्हें एककेवली कहते है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पटदेवी : The chief female deities of Indras. भवनवासी इन्द्रो की देवियाॅं, प्रधान देवी, पटरानी, महिषी ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुंड– Mund. Controlling of sensual organs for following non–violence. 5 इन्द्रियों को वश में करना, 5 इन्द्रिय, वचन, हस्त, पाद, मन और शरीर बिना प्रयोजन काम में ना लेना, यह मुंडन कहलाता है ” इससेअहिंसा का पालन होता हैं “