शिखरी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखरी – Shikharee. Having to do with summit or a peak, Name of a mountain of jambudvip (island). जिसके शिखर अर्थात कूट हो उसकी शिखरी संज्ञा है, जम्बूद्वीप का छटा कुलाचल, यह पर्वत हेममय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखरी – Shikharee. Having to do with summit or a peak, Name of a mountain of jambudvip (island). जिसके शिखर अर्थात कूट हो उसकी शिखरी संज्ञा है, जम्बूद्वीप का छटा कुलाचल, यह पर्वत हेममय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चल चित्त – Nishchal Chitta. Absolute concentration on the soul. सर्व द्रव्यों में रागद्वेष का अभाव तथा आत्मस्वरूप में लीन रहना “
ध्वनि Sound, Resonant preaching of Tirthankars (Jaina-Lords). शब्द, प्रतिध्वनि, कोलाहल, वाद्ययंत्र की ध्वनि, तीर्थंकरों की ओंकर रूप दिव्यध्वनि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्राध्ययन – Shaastraadhyayana. Study of the scriptures and thinking over it. जिनागम का अभ्यास, पठन-पाठन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय वीर्य – Nishchaya Veerya. Super power of soul. शुद्ध आत्म स्वरुप की शक्ति “
ध्रुव अवग्रह Lasting apprehension. जो यथार्थ ग्रहण निरंतर होता है जैसा प्रथम समय में शब्द आदि का ज्ञान हुआ था आगे भी वैसा ही होता रहता है, कम या ज्यादा नहीं होता यह ध्रुव-अवग्रह है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शारीरिक दुःख – Shareerika Dukha. Physical pain. दुःख के 4 भेदों में एक भेद; रोगादि से उत्पन्न होने वाला शरीर संबंधी दुःख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय पंचाशत – Nishchaya Pannchaashata. Name of a treatise. शुद्धात्मस्वरुप विषयक एक ग्रंथ-पद्यनंदिपंचविंशतिका का एक अध्याय “
धृतिकूट Name of the summits situated at Nishadh & Ruchak mountains. निषध एंव रूचक पर्वत पर स्थित कूटों के नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]