द्रव्य शल्य!
द्रव्य शल्य Physical sting, physical thorn (related to Karmas). मिथ्यादर्शन, माया, निदान ऐसे तीन शल्यों की जिन से उत्पत्ति होती है ऐसे कारणभूत कर्म को द्रव्यशल्य कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य शल्य Physical sting, physical thorn (related to Karmas). मिथ्यादर्शन, माया, निदान ऐसे तीन शल्यों की जिन से उत्पत्ति होती है ऐसे कारणभूत कर्म को द्रव्यशल्य कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावक्रोध – Bhavakrodha. Passionate, spiteful or hostile nature. दूसरों का पराभव करना आदि द्वेषपूर्ण विचार मन में लाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर बंध – Shareera Bandha. Molecular bondage (formation) of 5 types of body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक तैजस और कार्माण शरीर बंध का होना शरीर बंध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परशुराम:Son of Jamdagni Tapas.जमदग्नि तापस का पूत्र, जिसने एक क्षत्रिय के द्वारा अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए 21 बार पृथ्वी को क्षत्रियविहीन किया था । अंत में यह सुभौम चक्रवर्ती के चक्र से मारा गया ।
द्रव्य मल Eight Karmas obscurring knowledge etc. ज्ञानावरणादि 8 कर्म। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवाद:Dispute, Reproach] Synonym word for shrutgyan (Scriptural knowledge),विवाद, अपवाद, दूसरे की निंदा, श्रुतज्ञान का एक पर्यावाची नाम ।
द्रव्य परमाणु Particles of matters. ब्राह्य पदार्थ का अंश मात्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवभक्ति Devotion towards Lord Jinendra. जिनेन्द्र देव के गुणों में विशेष अनुराग ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य कषाय Physical – passions. जीव या द्रव्य कर्म का क्रोधादि रूप होना, निक्षेप की अपेक्षा कषाय का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य Matter, Substance, Reality. गुण और पर्याय का समूह या जो उत्पाद, व्यय और ध्रौव्य से युक्त है उसे द्रव्य कहते हैं। द्रव्य 6 होते हैं – जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]