सर्वभद्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वभद्र – Sarvabhadra. A noble one. A type of peripatetic deities. सुशील यक्ष जाति के व्यंतरों के 12 भेदों में एक भेद ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वभद्र – Sarvabhadra. A noble one. A type of peripatetic deities. सुशील यक्ष जाति के व्यंतरों के 12 भेदों में एक भेद ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वघाती – Sarvaghaatee. Karmic nature causing destruction of soul’s attributes जिस कर्म के उदय से अनुजीवी गुूणों का पूर्णरूप से घात होता है।
तैजस शरीर बंध A kind of bond of lustrous molecules (reg. body). 5 प्रकार के बंधन नामकर्म के भेदों में एक भेद, गृहीत तैजस पुद्गल स्ंकधों का परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चैतन्य Conscious soul, Rationality, perception. चित्त रूप आत्मा , जीव , ज्ञान , संवेदन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्जकषाय – Sarja Kashaaya. Bitter or pungent passions. सर्ज साल नाम के वृक्ष को कहते है। उसके कषैले रस के समान जीव की कषायरूप् परिणति को सर्जकषाय कहते है।
दर्शन कथा A sacred legend . सति मनोवती नामक एक कन्या द्वारा गजमोती चढ़ाकर जितेन्द्र भगवान के दर्शन करने की एक प्राचीन रोमांचक कथा जिस पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘प्रतिज्ञा’ नामक धार्मिक उपन्यास लिखा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्रवृद्ध Abundance in character and austerity. चारित्र- तप आदि की अधिकता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्रपंडित Noble and learned person having good conduct. सामायिक छेदोपस्थापना आदि पांच प्रकार के चारित्र के धारक मुनि ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]