स्पर्ष नाम विधान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष नाम विधान – Sparssana Naama Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष नाम विधान – Sparssana Naama Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
उत्तर हेतु Secondary variable hypothesis. पूर्व में जो हो गया है उसकी वर्तमान से सिद्धि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोह्लदा – Manohlaada. Name of a king of Rakshas dyansty. राक्षसवंश का एक राजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पंदन – Spamdana. Vibration, pulsation.कम्पन। देखे-परिस्पंदन।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शृंगारार्णवचंद्रिका – Shringaaraarnachandrikaa. Name of a poetic composition composed by Vijayavarni. विजयवर्णी कृत एक काव्य शिक्षा छंद अलंकार विषयक संस्कृत भाषाबद्ध एक कृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल परिग्रह – Sthuula Parigraha. Ten types of external possessions of householders.10 प्रकार के बहिरंग परिग्रह को स्थूल परिग्रह कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाविज्ञायिक शरीर – Bhavigyayika. One who is going to be learned one in future. नोआगम द्रव्य कर्म के ३ भेदों में एक; कर्म स्वरूप को जानने वाला शरीर जिसको आगमिकाल में धारण करेगा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति बंधापसरण – Sthiti Bamdhaapasarana. Reduction of karmic binding with soul.स्थिति बंध का क्रम से धटना।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा पर्याप्ति – Bhasha Paryapti. Power of vocal or verbal completion (caused by some karmic nature). स्वर नामकर्म के उदय से भाषा वर्गणा रूप पुद्ग्ल स्कन्धों को सत्य, असत्य, उभय, अनुभय भाषारूप परिणमावने की शक्ति की निष्पति होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थावर -Sthaavara. Immobile or static beings like earth, water, air, fire & plants (one-sensed).स्थावर नामकर्म के उदय से जीव स्थावर कहलाते है। स्थावर जीव एक स्पर्षन इन्द्रिय के द्वारा ही जानता, देखता, खाता है इसलिये उसे एकेन्द्रिय स्थावर जीव कहा है। इनके पाॅच भेद है- पृथिवीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति काय।