भविष्यवाणी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाज्य – Bhajya. Divisible, Portion, Dividend. वह संख्या जो भाजक द्वारा भाग दी जाती है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषनय – Vishesha Naya. A particular standpoint believing that the soul is non-extricated. अव्यापकता रूप कथन करने वाला नय ” जैसे – आत्मद्रव्य एक मोती की भांति अव्यांपक है, सदा से रहने वाले नर – नारकादि जीव का बोधन करना विशेष नय हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वामन मुनि –Vaamana Muni.: Name of a writer of ‘Memandra Puran’(a treatise). मेमंदर पुराण के रचयिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यप्रकृति – Punyaprakrti. Meritorious Karmic nature (are 68 in Jaina philosophy). कर्मों की ६८ प्रकृतियाँ पुण्यरूप हैं, साता वेदनीय, नरकायु के बिना तीन आयु, उच्चगोत्र, मनुष्यदिक्, देवदिक्, पाँच शरीर आदि “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == क्षणभंगुरता : == जन्म मरणेन समं, सम्पद्यते यौवनं जरासहितम्। लक्ष्मी: विनाशसहिता, इति सर्व भंगुरं जानीत।। —समणसुत्त : ५०७ जन्म मरण के साथ जुड़ा है और यौवन वृद्धावस्था के साथ। लक्ष्मी चंचला है। इस प्रकार (संसार में) सब कुछ क्षणभंगुर है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष्णुनंदि –Visnunandi. Name of an omniscient after Lord Mahavira. भगवान महावीर के बाद हुए पंचम श्रुतकेवली, समय – ई. पू. ४६५-४५१, अपरनाम नंदि था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंजिका – Panjikaa. A descriptive book of odd items. वृत्तिसूत्रों के विषम पदों को स्पष्ट करने वाले विवरण को पंजिका कहते हैं “