वस्तु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तु – Vastu.: A typr of scriptural knowledge (Shrutgyan),Substance, Matter,Object. श्रुतज्ञान के बीस भेदों में 17वां भेद ” सत्ता,सत्व ,द्रव्य ,वस्तु आदि एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तु – Vastu.: A typr of scriptural knowledge (Shrutgyan),Substance, Matter,Object. श्रुतज्ञान के बीस भेदों में 17वां भेद ” सत्ता,सत्व ,द्रव्य ,वस्तु आदि एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयोगसंबंध – Sanyoga Sambandha. A synthetical relation. पृथक् सिद्ध पदार्थों के मेल को संयोग संबंध कहते हैं “
गुणार्थिक नय Standpoint of accepting attributes of matter. द्रव्य सामान्य को ग्रहण कर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]ने वाला नय
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == जैन—दर्शन : == ण वि अत्थि अण्णवादो, ण वि तव्वाओ जिणोवएसम्मि। —सन्मति तर्क् प्रकरण : ३-२६ जैन दर्शन में न एकान्त भेदवाद मान्य है और न एकान्त अभेदवाद। अत: जैन दर्शन भेदाभेदवादी दर्शन है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसंतभद्र व्रत – Vasantabhadra Vrata.: A specified and procedural fasting. एक व्रत ” इसमें क्रमशः 5,6,7,8,9 इस प्रकार 25 उपवास और बीच के स्थानों में एक – एक पारणा की जाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्षा ऋतु – Varshaa Ritu.: Rainy season. 6 ऋतुओं में एक ऋतु ; बरसात का समय इसमें साधु वर्षायोग या चातुर्मास धारण करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिनी – Namdina A city of the north of Vijayardh mountain , Name of a female beloved deity of a peripatetic Indra. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, गंधर्व व्यंतर के इन्द्र गितरस की वल्लभिकादेवी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्तमान काल – Vartmaana Kaal.: Period of present time. चल रहा समय, विविक्षित पर्याय के प्रारंभ से अंत होने तक का काल ” यह दो प्रकार के है – सूक्ष्म – एक समयमात्र ,स्थूल – अंतर्मुहूर्त से लेकर संख्यात वर्ष तक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागचंद – Bhagachanda. Name of a Pandit who wrote Mahavirashtak Stotra and many other books. महावीरष्ठक स्तोत्र, अमितगती श्रावकाचार वचनिका आदि ग्रंथो के कर्ता एक पंडित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Name of a Hindi poet. अनेक आध्यात्मिक हिन्दी पदों के रचयिता “