प्रथमोपशम सम्यत्त्व!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमोपशम सम्यत्त्व – अनादि मिथ्यादृश्टि जीव के मिथ्यात्व से छूटकर जो सर्वप्रथम उपषम सम्यŸाव होता है वह प्रथमोपषम सम्यत्त्व है। prathamopasama samyaktva – first subsidential right beleif.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमोपशम सम्यत्त्व – अनादि मिथ्यादृश्टि जीव के मिथ्यात्व से छूटकर जो सर्वप्रथम उपषम सम्यŸाव होता है वह प्रथमोपषम सम्यत्त्व है। prathamopasama samyaktva – first subsidential right beleif.
फलरस Fruit juice, Fruitional power of Karmas. अंगूर, आम, आदि के रस । कर्मो की फल देने की शक्ति । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमिति- किसी प्रमाण से प्राप्त जानकरी या निष्चित ज्ञान। Pramiti- Authentic knowledge
तैजस समुद्घात Electric overflow, Phosphorescent extrication. जीवों के अनुग्रह और विनाश में समर्थ तैजस शरीर की रचना के लिए तैजस समुदघात होता है। यह शुभ तैजस और अशुभ तैजस दो प्रकार का है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाता- आलस्य, कशाय सहित अवस्था को प्रमाद कहते हैं। कशाय के तीव्र उदय से अच्छे कार्यों के करने में आदर भाव का न होना। चार विकथा, चार कशाय, पाँच इन्द्रियाँ, एक स्नेह औश्र एक निद्रा ये 15 प्रमाद हैं। Pramata- Knower or learned one in subject matters
तेररह Thirteen (13 types of faults and 13 types of conducts in Jainalogy). त्रयोदश पांच पाप, चार कषाय , जुगुप्सा , भय रति, अरति ये 13 दोष है, एंव पांच महावृत , पांच समिति और तीन गुप्ति इस प्रकार चारित्र के 13 भेद यप। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणीमांसा- देंखे- प्रमाण परीक्षा। Pramanamimamsa- See- PramanaPariksa
तृणसंस्तर A type of substratum made of dry & harmless grass (related to Jain saints). 4 प्रकार के संस्तरों में एक भेद गांठ रहित तृण से बना हुआ छिद्र रहित संस्तर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण- जिसके द्वारा पदार्थ जाना जाता है। सम्यग्ज्ञान; इसके मति, श्रुत, अवधि, मनःपर्यय, केवलज्ञान 5 भेद है। Pramana- Right knowledge
तदभाव मरण Leaving of the present body (death). वर्तमान शरीर का छूट जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]