त्रैकाल्ययोगी!
त्रैकाल्ययोगी The disciple of Golacharyaji. एक आचार्य (ई.920-930) जो गोलाचार्य (ई. 900-920) के शिष्य तथा अभयनंदि (ई.930-950) के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रैकाल्ययोगी The disciple of Golacharyaji. एक आचार्य (ई.920-930) जो गोलाचार्य (ई. 900-920) के शिष्य तथा अभयनंदि (ई.930-950) के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिमवान् (पर्वत) – Himavaan (Parvata). Name of the first Kulachal mountain among 6 of jambudvip (island). जम्बूद्वीप के 7 कुलाचलों मे प्रथम कुलाचल, इसकी ऊॅचाई 100 योजन हैं।
त्रिवलित A fault or religious activities. कायोत्सर्ग का एक अतिचार, वंदना का एक अतिचार , कटि ग्रीवा, मस्तक, आदि पर तीन बल पड़ जाना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हाहांग – Haahaamga. A large unit of time. काल का एक प्रमाण। 84 अमम त्र 1 हाहांग। अथवा। अंतिम काल मे 84 से गुणित होने पर प्राप्त संख्या।
चतुर्दश गुणस्थान Fourteen Gunsthan-stages of spiritual developments. १४ गुणस्थान ; मिथ्यात्व , सासादन , मिश्र , अविरत सम्यग्दृष्टि , देशाविरत , प्रमत्त , अप्रमत्त, अपूर्वकरण , अनुवृत्तिकरण, सूक्ष्म-साम्पराय , उपशांत मोह , क्षीणमोह , संयोगकेवली, आयोगकेवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हर्षवर्धन – Harsavardhana. Name of a king of Bhoj dynasty. भोजवंशी राजा मुञज के पिता। समय ई. 940-994।
देवद्विज The supreme being, Lord Jinendra. जिनेन्द्र देव , स्वयं भू आदि परमदेव सम्बन्धी रत्नत्रय की शक्ति रूप संस्कार से जन्म लेने वाले। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिद्र – Haridra. The residential palace of Lokpal in the panduk forest of sumeru mountain. सुमेरु के पाण्डुक वन मे लोकपाल का भवन।
एक असंख्यात Something countless. एक दिशा में स्थित प्रदेश पंक्ति क्योंकि श्रेणीरूप से लोकाकाश की एक दिशा देखने पर प्रदेशो की गणना नहीं हो सकती।[[श्रेणी:शब्दकोष]]