शोक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शोक – Shoka. Sorrow, Regret, Grief. विकलता,अफसोस, रंज “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवेश मण्डप- प्रवेष द्वार। Pravesa mandapa- Entrance, vestibules porch
चंद्रमाल Name of a mountain (Vakshargiri) in the western Videh. पश्र्चिम विदेह का एक वक्षारगिरि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यान प्रवाद- pratyakhyana pravada A part of scriptural knowledge (9th purva) pertaining to code of renunciation. 14 पूर्वो में 9 वां पूर्व; इसमें 84 लाख पद हैं एवं द्रव्य क्षेत्र आदि की अपेक्षा यम-नियमरुप त्याग का कथन है।
गणधर Chief disciple (Gandhar) of Teerthankar (Jaina lord). तीर्थंकर के प्रमुख शिष्य इनके अन्य नाम गणी, गणीश ,गणपति ,गणेश आदि भी हैं। ये समस्त श्रुत के पारगामी, सातों ऋद्धियों के धारक, मुनियों के स्वामी एवं चार ज्ञानधारी होते हैं। [[महावीर स्वामी के गणधर]] [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोड़ेवाली गति– Modevali Gati. Transmigratory motion of soul. विग्रहगति; पाणिसुक्ता, लांगलिका, गोमूत्रिका ये तीनों मोड़े वाली गति है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्ष- pratyaksa Direction knowledge, perceptible, visible विषद ज्ञान को प्रत्यक्ष कहते है। वह सांव्यवहारिक और पारमार्थिक दो प्रकार का होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतारणयक वन – Bhutaranyaka Vana. Name of a forest situated in western videh (re-gion). विदेह के पशिचम और लवण समुद्र के निकट एक वन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिसूर्य- pratisurya Magternal uncle of hanuman हनुमान का मामा था, जो हनुमान और हनुमान की माता अंजना को जंगल से अपने घर लाया था।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “