रत्नकंबल!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकंबल – रत्नों से बना एक कंबल। उज्जैन की सेठानी यषोभद्रा ने अपने पु़त्र सुकुमाल की पत्नियों के लिए रत्नकंबल खरीदा और पुत्र वधुओं के लिए उसकी जूतिया बनवायी। देंखें – सुकुमाल चरित्र Ratnakambala-Blanket of jewels
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकंबल – रत्नों से बना एक कंबल। उज्जैन की सेठानी यषोभद्रा ने अपने पु़त्र सुकुमाल की पत्नियों के लिए रत्नकंबल खरीदा और पुत्र वधुओं के लिए उसकी जूतिया बनवायी। देंखें – सुकुमाल चरित्र Ratnakambala-Blanket of jewels
इंद्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रिय के द्वारा उनके विषयों को भोगना इन्द्रिय सुख है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पुरुष – Satpurusha. Noble persons, A type of peripatetic deities. महापुरुष, किम्पुरुष जाति के व्यंतर देवों के 10 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगस्थान – योगषक्ति परिणमन के दर्जे इसके उपपाद एकांतानुवृद्धि परिणामयोग तीन भेद है। Yogasthana-The different grades of activities related to mind, speech & body
उन्मान Weighing instruments, Balance metric. तगर आदि द्रव्यों को ऊपर उठाकर जिनसे तौला जाता है वे तराजू आदि उन्मान हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लज्जा – षर्म, अंतकरण की वह भावना जिसके कारण दूसरों के सामने वृत्तियां संकुचित हो जाती है। Lajja-Sense of decency or modesty, shame
उद्देश्यतावच्छेदक One who divides the conceptions. एक धर्मी को अन्य धर्मी से व्यावृत्त करने वाला ‘ता’ प्रत्यय युक्त धर्म विशेष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धि अक्षर – अक्षर के तीन भेदो मे एक भेद, सूक्ष्म निगोेद लब्ध्यापर्याप्तक से लेकर श्रुत केवली तक जीवो के जितने क्षयोपषम होते है उन सबकी लब्ध्यक्षर संख्या है। Labdhi aksara- Destructional cum subsidential state of karmas of all beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगि – जिसने ष्वास को जीत लिया।जो नेत्र टिमकर रहित है, जो काय के समस्त व्यापार से रहित है, निसन्देह वह योगी है। Yogi-Meditator, Who is deeply engrossed into supreme knowledge