इक्षुमती!
इक्षुमती A river of Bharat Kshetra Aryakhanda (region). भारत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इक्षुमती A river of Bharat Kshetra Aryakhanda (region). भारत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गति प्रायोग्यानुपूर्वी Pretransmigratory succession of one’s body. विग्रहगति में पूर्व शरीर का आकार विनाश नहीं होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपाल आख्यान – Shreepaala Aakhyaana. Name of a treatise written by Vadichandra. वादिचन्द्र कृत संस्कृत भाषाबद्ध एक रचना ” समय- 1580-1607 “
गंधकूट A summit situated at shikhari mountain. शिखरी पर्वत पर स्थित एक कूट। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गजपन्था (तीर्थ) Name of a Digambar Jaina place of pilgrimage near Nasik city of Maharashtra. Seven Balbhadras and 8 crore Munis got salvation from here. नासिक (महाराष्ट्र) के निकट एक सिद्धक्षेत्र (तीर्थ)-यहाँ से बालभद्र आदि ८ करोड मुनि मिक्ष गए हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्राविका – Shraavikaa. A female lay follower of Jaina instructions. जो गृहस्थ महिला श्रद्धावान, विवेकवान व सदाचारी हो एवं धर्म का अनुसरण करती हो “
गगनचन्द्र Name of spiritual initiator of ‘Bali’. सुग्रीव के भाई बाली के दीक्षा गुरु ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतराग : == यत्सुखं वीतरागस्य मुने: प्रशमपूर्वकम्। न तस्यानन्तभागोऽपि प्राप्यते त्रिदशेश्वरै:।। —ज्ञानार्णव : १९-३ वीतराग मुनि को प्रशम भाव सहित जो सुख प्राप्त होता है, उसका अनन्तवां भाग भी देवेन्द्रों को प्राप्त नहीं होता (अर्थात् इन्द्र के प्राप्त होने वाले सुख से अनंतगुना—अक्षय सुख वीतराग मुनि को प्राप्त…