जयदेव!
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयंतिकी Name of a female divinity resident of Ruchak mountain. रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी महत्तरिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकप्रदेशत्व – Syaadekapradessatva. Uni-dimenstional nature of matter (in some aspect).द्रव्य का एक सामान्य-भेद कल्पना निरपेक्ष निश्चय नय की अपेक्षा एकत्व होने से कथंचित् एक प्रदेशत्व स्वभाव है।
तोरणद्वार Doors of Samavasharan (an assembly of Lord Arihant). समवशरण की आठ भूमियों के मूल में स्थित द्वार । जैसे – प्रथम धूलिशाल कोट की चारों दिशाओं में चार तोरणद्वार है इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जड़ Non-sentient, fool, senseless material, Basic cause. जीव या संवेदना रहित पदार्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभावी विशेष – SahabhaaveeVishesha. Co-existing factor-the property of a matter in it. गुण; जो वस्तु के सर्व प्रदेशों में व उसकी सर्व अवस्थाओं में साथ-साथ रहता है।
त्रयोदश द्वीप 13 islands of middle universe. मध्यलोक के 13 द्वीप (प्रारंभिक) जम्बूद्धीप से लगाकर रूचकवर द्धीप, यहीं तक अकृतिम 458 जिनमंदिर है। तेरहद्वीप की रचना पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से जम्बूद्वीप हस्तिनापुर में निर्मित हो रही है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृति – Smrti. Memory, rememberance, recollection. मति, स्मृति, चिंता, संबा, अभिनिबोध ये एकार्थवाची है। दृष्ट, श्रुत और अनुभूत अर्थ को विषय करने वाले ज्ञान को स्मृति कहते है। देखे- स्मरण।