धर्मघोष!
धर्मघोष A writer of ‘Chintamani Parshvanath Kalp’ etc. चिंतामणी पाश्र्वनाथ कल्पादि के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मघोष A writer of ‘Chintamani Parshvanath Kalp’ etc. चिंतामणी पाश्र्वनाथ कल्पादि के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घोषार्या The name of chief female ascetic (Ganini Aryika) in the assembly of Lord Suvidhinath. सुविधिनाथ (पुष्पदन्तनाथ) तीर्थंकर के संघ की मुख्य आर्यिका अर्थात् गणिनी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धरणीतिलक A city of Bharat Kshetra (region), A city in the south of Vijayardh mountain. भरतक्षेत्र का एक नगर, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुरुतत्त्वविनिश्चय A book written by Shvetambaracharya Yashovijay. श्वेताम्बराचार्य यशोविजय(ई. १६३८-१६८८)द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धनराशि Set of positive quantity, Quantity which is to be added into the principal amount. जिस राशि को मूल राशि से जोड़ा जाये वह धनराशि कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्या – Vidya. Knowledge, the power of exploring realities of some matter. शिक्षा या यथावस्थित वस्तु के स्वरूप का अवलोकन करने की शक्ति “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मख – Makha. A Sacrificial activity. याग, यज्ञ, पूजा आदि करना , पूजा विधि का पर्यायवाची शब्द “
धनंजय A Digambar Jain poet. दिगम्बर आम्नाय के एक कवि (धनंजय नाममाला, विषापहार स्त्रोत आदि के कर्ता) ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त नय – Sapta Naya. Seven kinds of standpoints. नैगम, संग्रह, व्यवहार, ऋजुसूत्र, शब्द, समभिरुढ़ व एवंभूत। इन सात नयांे मे प्रारंभिक तीन द्रव्यार्थिक नय तथा अंतिम चार पर्यायार्थिक नय कहलाते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भट्टारक – Bhattaraka. The super souls, A title for super soul & spiri-tual personalities according to ancient Jaina scriptures. धवला आदि प्राचीन ग्रन्थों में अर्हन्त, सिध्द, साधु को परमपूज्यता के प्रतीक में भट्टरक शब्द से संबोधित किया गया है “