द्रव्य कषाय!
द्रव्य कषाय Physical – passions. जीव या द्रव्य कर्म का क्रोधादि रूप होना, निक्षेप की अपेक्षा कषाय का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य कषाय Physical – passions. जीव या द्रव्य कर्म का क्रोधादि रूप होना, निक्षेप की अपेक्षा कषाय का एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचेतन – Sanchetana. Consciousness. किसी के प्रति एकाग्र होकर ही अनुभवरूप स्वाद लेना उसका संचेतन कहलाता हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] Svabhaava Kriyaa. Natural activities (of all matters). ग्तिरुप ंिक्रया के 10 भेदो मे एक भेद। जीवो की स्वभाव क्रिया सिद्वि गमन और पुद्गलो की स्वभाव क्रिया परमाणु की गति है।
द्रव्य Matter, Substance, Reality. गुण और पर्याय का समूह या जो उत्पाद, व्यय और ध्रौव्य से युक्त है उसे द्रव्य कहते हैं। द्रव्य 6 होते हैं – जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश और काल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चार्वाक Speaking agreeably, The name of a materialistic philosophy. सर्वजनप्रिय होने की संज्ञा , नास्तिक मत को मानने वाला एकांत दर्शन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दोष निर्घातन विनय Reverence causing eradication of passions. दोष को नाश करने वाली विनय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूर – Shoora. One conqueror of all passions & afflictions, Name of a country of Bharat Kshetra Arya Khand (region), The grand father of Lord Neminath. परिषहों, कषायों और काम, मोह आदि के विजेता शूर कहलाते हैं, भारतक्षेत्र आर्यखण्ड का देश, भगवान नेमिनाथ के बाबा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मसेन – Brahmasena. Name of the preceptor of Acharya Veersen. आचर्य वीरसेन के गुरु तथा जयसेन जी के शिष्य (ई. १०१३ ) का नाम “
चित्रलाचरण Variegated (unstable) conduct (having different types of nature). मन को जो प्रमादस्वरुप करे वह चित्तल एवं ऐसे चित्तल आचरण वाला चित्रलाचरण होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घोर ब्रह्मचर्य A supernatural power of having continuous celibacy. ऋद्धि-जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु सर्वगुणों से संपन्न होकर अखण्ड ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]