मौदगलायन!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौदगलायन–Modgalayan. Name of a great Jain Acharya in the stream of Lord Parshvanath, A type f inactivist. भगवान् पार्श्वनाथ की शिष्य परम्परा में हुए एक बड़े जैनाचार्य, अक्रियावादी के 84 भेदो में एक भेद”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौदगलायन–Modgalayan. Name of a great Jain Acharya in the stream of Lord Parshvanath, A type f inactivist. भगवान् पार्श्वनाथ की शिष्य परम्परा में हुए एक बड़े जैनाचार्य, अक्रियावादी के 84 भेदो में एक भेद”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतीघातरहित- pratighatarahita Without impediment or hinderance. प्रतिबन्ध या बाधा रहित।
दुःशासन The son of Dhritrashtra. धृतराष्ट्र का पुत्र, जिसने सती द्रौपदी का अपमान किया था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यणीसिद्ध – Manushyaniisiddha. Those salvated from Bhav Strived (according to Bhutpragyapan Naya). भाव स्त्रीवेद से सिद्ध होने वाले जीव ये अल्पबहुत्व की अपेक्षा स्तोक हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान गोपुच्छा – Svasthaana Gopucchaa. Reducing sepuence of Karmic results (related to Krishties). विवक्षित एक संग्रह कृष्टि मे जो अंतरकृष्टियाके के विषेष धटना क्म पाया जाता है उसे स्वस्थान गोपुच्छा कहते है।
दिशा Direction (east, west etc.), Name of a planet. पूर्व, पश्चिम आदि दिशा, जयोतिष के 88 ग्रहों में 50 वां ग्रह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनःप्रत्याखयान Renunciation of all infractions mentally. मन से मैं अतिचारों को भविष्यत्काल में नहीं करूंगा , ऐसा विचार करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्ववचनबाधित – Svavacanabaadhita. Self obstructive speech. बाधित विषय हेत्याभास के 4 भेदो मे अंतिम भेद। जिसके साध्य मे अपने वचन से ही बाधा आती है। जैसे- मेरी माता बन्ध्या है क्योकि पुरुष का संयोग होने पर भी उसके गर्भ नही ठहरता।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीज – Bija. Mystical letter of Mantra or incantation, Seeds. मंत्रो का मूल अक्षर या शब्द ” जिनमें वनस्पति आदि रूप अंकुरण करने की क्षमता हो “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वरुपास्तित्व – Svaruupaastitva. A type of existence; power to show existence of each & every matter separately. अस्तित्व के दो भेदो मे एक भेद। अवान्तर सत्ता-प्रतिनियत वस्तुवर्ती तथा स्वरुपास्तित्व की सूचना देने वाली (अर्थात् पृथक्-पृथक् पदार्थ का पृथक्-पृथक् स्वतंत्र अस्तित्व बताने वाली ) अवान्तरसत्ता है।