त्यक्त दोष!
त्यक्त दोष A fault of food taking. मुनियों के आहार का एक दोष झूठा भोजन छोडना या खाते पीते समय भोजन को नीचे गिराना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्यक्त दोष A fault of food taking. मुनियों के आहार का एक दोष झूठा भोजन छोडना या खाते पीते समय भोजन को नीचे गिराना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गंभीर मालिनी A river of western videh (region). अपर विदेह स्थित एक विभंगा नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धानांश – Shraddhaanaansha. An element of right knowledge or belief. मिश्र गुणस्थान में जो श्रद्धा का अंश है वह सम्यत्तवका अवयव है “
गंधमालिनी An area in western videh (region), Name of a summit (koot) of Devamal vakshar and its protec-ting deity, name of a vibhanga river of Videh (region). अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र ,देवमाल वक्षार का एक कूट, देवमाल वक्षार गंधमालिनी कूट का रक्षक देव, विदेह क्षेत्र स्थित एक विभंगा नदी । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शोका – Shokaa. Name of the main city of Kumud Kshetra (region) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र का कुमुदा क्षेत्र की मुख्य नगरी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशम- क्रोधादि कशाय की मंदता; यह सम्यग्दृशिट का एक बाहरी चिन्ह (गुण) है। Prasama- Spiritual calmness
उ The fifth vowel of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का पांचवा स्वर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रसागर(मुनि) Name of a Digambar Jain saint, the disciple of Charitra Chakravarti Acharya Shri Shantisagar ji Maharaj. चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के प्रमुख ७ मुनि शिष्यों में से एक. ये राजस्थान , इंदौर तथा मध्यप्रदेश में सिंहवृत्ति का पालन करने वाले एक कट्टर अगम परम्परा पोषक आचार्यकलाप क एरूप मने प्रसोद्ध हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनीय- प्रबन्ध पूर्वक जो वचनीय अर्थात व्याख्येय या प्रतिपादनीय होता है। Pravacaniya- Scriptural knowledge which can be preached
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्षज्ञानी- pratyaksajnani Those having either partial perfect knowledge of complete perfect knowledge अवधि एवं मा:पर्ययज्ञानी को देष प्रत्यक्षज्ञानी कहते है एवं केवलज्ञानी को सकल प्रत्यक्षज्ञानी कहते है।