जगत्श्रेणी!
जगत्श्रेणी Length of universe, unit of 7 Rajus. ७ राजू प्रमाण लोकपंक्ति, एक प्रदेश चौड़े और ७ राजू लम्बे आकाश प्रदेशों की पंक्ति को जगत्श्रेणी कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्श्रेणी Length of universe, unit of 7 Rajus. ७ राजू प्रमाण लोकपंक्ति, एक प्रदेश चौड़े और ७ राजू लम्बे आकाश प्रदेशों की पंक्ति को जगत्श्रेणी कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्थकाल The fourth division of Avasarpini Kal (regressive half cycle of time). अवसर्पिणी काल के ६ भेदों में दुषमा-सुषमा नामक चौथा भेद , जिसमें २४ तीर्थंकर जन्म लेते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वत्रयप्रकाशिका A commentary book in Sanskrit written by Bhattarak Shrutsagar. भट्टारक श्रुतसागर (ई. 1487.1499) कृत एक संस्कृत टीका (ज्ञानावर्णव ग्रंथ के गद्य भाग पर)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वार्थ – Sarvaartha. The great grand father of Lord Mahavira, One of the 14 earth under Chitra earth. भगवान महावीर के बाबा , चित्रा पृथिवी के नीचे चौदह अन्य पृथिवीयों में 12 वी पृथिवी ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्यासागर – Vidyashagara. Name of a great Digambar Jain Acharya of 20th century. चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के द्वितीय पट्टाधीश आचार्य श्री शिवसागर महाराज के शिष्य मुनि श्री ज्ञानसागर महाराज (जो बाद में समाज द्वारा आचार्य बनाये गये) द्वारा दीक्षित बीसवीं सदी के एक प्रभावक आचार्य “
छर्दि Vomiting, an obstacle of saint-food. साधु संबंधी अन्तराय का एक भेद ; वसन हो जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
टीका Commentary, Explanation, Exposition. व्याक्ष्या, विशद व्याख्यान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरत्न – Sarvaratna. Name of sumits situated at Manushottar and Ruchak mountain. मानुषोत्तर व रूचक पर्वत पर स्थित एक-एक कूट ।