मनःशुद्धि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनःशुद्धि – Manahsuddhi. Mental purity. छल कपट आदि समस्त बुरे भावो से विरक्त होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनःशुद्धि – Manahsuddhi. Mental purity. छल कपट आदि समस्त बुरे भावो से विरक्त होना “
ऊर्जाहार Absorptional intake, Energy intake . ओज आहार पक्षियों के द्वारा अण्डे सेते समय जो ऊष्मा दी जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंगदर्शन – Vibhamgadarsana. Apprehension of something with false clairvoy-ance. विभंगज्ञान के साथ होने वाला दर्शन “
ऊठकोडि़ Three and a half crores. साढ़े तीन करोड़ (पूर्व निमाड़-म.प्र. स्थित सिद्धवरकूट सिद्धक्षेत्र से दो चक्रवर्ती दश कामदेव और साढे तीन करोड़ मुनि मोक्ष पधारे) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव – Bhava. Volition, feeling, thought – activity, Nature of sen-tient and non-sentient matters. जीव के परिणाम, चेतन व अचेतन द्रव्यों के अनेकों स्वभाव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतविुचय – Hetuvicaya. Right contemplation or acceptance of religious path. धर्मध्यान के 10 भेदों मे अंतिम भेद। तर्क का अनुसरण करना और स्याद्वाद्व का आश्रय लेकर समीचीन मार्ग को ग्रहण करना अथवा उसका चिंतन करना।
देवसेन An Acharya, disciple of Veersen (Dhavalåkar).आचार्य ई. 820-870 मं वीरसेन (धवलाकार) के शिष्य महाधवल सिद्धांत 40,000 श्लोक के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]] या Father’s name of the 5th Teerthankar (Jaina-Lord) of Videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित 5 वें तीर्थंकर के पिता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेत्वाभास – Hetvaabhaasa. Fallacy, a false cause. जो हेतु संदेष हंे हव हेत्वाभास हंे इपके अमसंद्व, वरिुद्व, अनैकांतिक, अकिंचित्कर 4 भेद है।