शूद्रवर्ण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्रवर्ण – Shudravarna. See- Shudra Varna. देखें शूद्रवंश ” शिल्प आदि से सम्बन्ध रखने वाला वर्ण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्रवर्ण – Shudravarna. See- Shudra Varna. देखें शूद्रवंश ” शिल्प आदि से सम्बन्ध रखने वाला वर्ण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समान खंड – Samaana Khanda. Equal parts or divisions. तुंल्य या सदृष भाग।
उदीरक Who is involved in fruitional operations of Karmas. उदीरणा करने वाला ज्ञानावरणीय दर्शनावरणीय और अंतराय इन तीन कर्मोंकी उदीरणा करने वाले (मिथ्यादृष्टि से लेकर क्षीण कषाय पर्यंत) जीव उदीरक कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चलित In moving state, In motion. स्पंदन , हिलना , विचलित होना या बिगड़ जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिरस्तु – Samaadhirastu. Auspicious blessing for the religious progress. आशीर्वाद वाचक शब्द, अर्थात् समीचीन धर्मध्यान बना रहे। यह आषीर्वाद व्रतियो के लिए साधुजन देते है।
चारित्राचरण Those who are constantly devoted in right conduct. पंच माहाव्रतों में , तीनों गुप्तियों में तथा पाँचों समितियों में अत्यंत प्रयत्नयुक्त रहने वाले ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंगल – सनत्कुमार स्वर्ग का 5 वां पटल या इन्द्रक, बलभद्र राम का एक हल रत्न। Lamgala-The 5th patal (Layer) of Sanat Kumar heaven, Name of a plough-a jewel of Lord Ram
चारित्रार्य A type of noble persons, saints believing in right conduct. चारित्र को पालने वाले मुनि , इनके अभिगत चारित्रार्य तथा अनभिगत चारित्रार्य दो भेद हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल परमात्मा – Sakala Parmaatmaa. The supreme soul with body (devoid of all Karmas). घातिया कर्मों से रहित परमौदारिक शरीर में स्थित अर्हन्त परमात्मा
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचरण – Sancharana. Movement (of body particles etc). गमन, हलन-चलन, योग के कारण जीवप्रदेशों का परिस्पंदन होना “