चयधन!
चयधन Sum of common differences. सर्व स्थानों में जो-जो चय बढ़े उन सब चयों का जोड़ जो प्रमाण हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चयधन Sum of common differences. सर्व स्थानों में जो-जो चय बढ़े उन सब चयों का जोड़ जो प्रमाण हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थान लाभ क्रिया – Sthana laabha Kriyaa. An auspicious procedural activity of initiation of one as a shravak.दीक्षान्वय की 48 क्रियाओ मे तीसरी क्रिया है। इसमे किसी पवित्र स्थान मे अष्टदल कमल अथवा समवषरण की रचना करके उपवासी को प्रतिमा के सम्मुख बैठाकर आचार्य उसके मस्तक का स्पर्श करता है और पंच नमस्कार मंत्र…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संमेदाचल महात्म्य – Sammedaachala Mahaatmya. Name of a composition written by Pandit Manaranglal. पंडित मनरंगलाल (ई. 1793-1843) द्वारा विरचित भाषा छंदबद्ध कृति “
चतुर्दिक मुखदर्शन Four sided face-a supernatural bliss of Lord Arihant. अर्हंत भगवान का केवलज्ञान का एक अतिशय ; सबकी ओर मुख करके स्थित होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यक्तव उद्योतन – Samyaktva Udyotana. Right enlightenment. सम्यक्तवाराधना। शंकादि दोषो से रहित निर्दोष सम्यग्दर्षन की प्राप्ति होना।
चिरकाल स्थायी Steady for infinite time. अनंतकाल तक स्थाई रहने वाली जैसे , स्वभाव द्रव्य व्यंजन पर्याय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मान – Sammaana. Respect, reverence, honour. आदर, विनय। व्रतादि से यंुक्त साधु, आर्यिका एवं बड़े जनेा का यथायोग्य विनय-सम्मान करना।
देश चारित्र A conduct of householder at the 5th stage of spiritual development. विकल चारित्र, श्रावक का पांचवे गुणस्थान का आवरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तेयानंद – Steyanamda. To feel pleasure in theft.रौद्रध्यान के 4 भेदो मे एक भेद, चैर्यानंद। प्रमादपूर्वक दूसरे के धन को बलात् हरने का अभिप्राय रखना या उसमे हर्षित होना।