आलोकन वृत्ति!
आलोकन वृत्ति Enlightenment. ज्ञान के लिए आत्मा का व्यापार करना, दर्शन, स्वयंवेदन, वेदनरूप व्यापार को आलोकन वृत्ति कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलोकन वृत्ति Enlightenment. ज्ञान के लिए आत्मा का व्यापार करना, दर्शन, स्वयंवेदन, वेदनरूप व्यापार को आलोकन वृत्ति कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इन्द्रविधिदान क्रिया An auspicious and sacred act (to handover the duties by Indra). 45 वीं गर्भान्वय क्रिया- इस क्रिया में इन्द्र पद को प्राप्त जीव नम्रीभूत देवों को अपने अपने पदों पर नियुक्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपाल चरित – Shreepaala Charita. Name of many books written by different writers. सकलकीर्तिकृत संस्कृत छंदोंबद्ध (ई. 1406-1442), भट्टारक श्रुतसागर कृत संस्कृत गद्य रचना (ई. 1487-1499), कवि परिमल्ल (ई. 1594) कृत, ब्र. नेमिदत्त (ई. 1428), वादिचन्द्र (वि. 1637-1664) कृत हिन्दी गीत काव्य, पं. दौलतराम (ई. 1720-1772) कृत भाषा ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशान्तता क्रिया- दीक्षान्वय की एक क्रिया; नाा प्रकार के उपवास आदि की भावनाओं को प्राप्त होना। Prasantata Kriya- An act of consecration, to having feelings fasting etc
उत्तरमीमांसा A type of Hindu philosophical system. मीमांसा दर्शन एक भेद इसे ब्रह्म मीमांसा या वेदांत भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्री – Shree. Prosperity, glory, brilliance, A mark of respect, Name of a city in the south of Vijayardh mountain, A female deity of Padma hrid, a large pond of Himvan mountain, A mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). ऐश्वर्य, कीर्ति, यश, सरस्वती, प्रभा, आदर-सूचक शब्द जो नाम के आगे लिखा जाता है,…
छद्मस्थ Beings with hypocrisy or disguised form (upto 12th stage of spiritual development). छद्म अर्थात् ज्ञानावरण व दर्शनावरण में रहने वाले जीव , शुद्धात्म ज्ञान की अपेक्षा अल्पज्ञ जीव , १२वें गुणस्थान तक जीव छद्मस्थ होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रावक-धर्म: == सहसाभ्याख्यानं, रहसा च स्वदारमन्त्र भेदं च। मृषोपदेशं कूटलेखकरणं च वर्जयेत्।। —समणसुत्त : ३१२ (साथ ही साथ) सत्य—अणुव्रती बिना सोचे—समझे न तो कोई बात करता है, न किसी का रहस्योद्घाटन करता है, न अपनी पत्नी की कोई बात मित्रों आदि में प्रकट करता है, न मिथ्या (अहितकारी)…
उत्तमार्थ A type of repentance, recounting the unexpiated sins (reg. whole life) and repenting for them. प्रतिक्रमण का एक भेद जन्म से मरणपर्यंत लगे हुए दोषों की शुद्धि करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धानवाद – Shraddhaanavaada. A philosophical doctrine. एक एकांत मत दर्शन\वाद का नाम “