चंगदेव!
चंगदेव An ancestor of poet Haridev. मयणपराजय चरिउ के रचयिता कवि हरिदेव के पूर्वज ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंगदेव An ancestor of poet Haridev. मयणपराजय चरिउ के रचयिता कवि हरिदेव के पूर्वज ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समरस – Samarasa. Equanimous nature. समतारुपी रस अर्थात् अनुभवन, घ्यानलीन मुनि समरस का आस्वाद प्राप्त करते हैं।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्ति:A part of army. सेना का एक अंग । इसमें एक रथ, एक हाथी, 5 पैदल और तीन घोडे होते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौन व्रत–Maun Vrat. A vow to keep silence. कुछ समय–सीमा विशेष के लिए मौन रखना”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पटाशुक :A silky cloth to be tied on the waist. क्मर में बांधा जाने वाला रेषमी वस्त्र
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमुना–Yamuna. Name of a river of Bharat Kshetra Aryakhand (region). भरतक्षेत्र आर्यखंड में स्थित एक नदी”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विसृष्टांग तप –Visratamga Tapa. An austerity or meditation, keep the body ex-actly loose. कायक्लेश तप का एक भेद; जिस तप में सम्पूर्ण शरीर ढीला छोड़ दिया जाये उसे विसृष्टांग तप कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंप: Name of a Jain Kannad poet. राजा अरिकेसरी के समय में हुए एक जैन कन्नड कवि (ई0 941) जिनकी आदिपुराण्चम्पू आदि कृतिया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर संघ – ViraSangha. Name of a group of saints after division of Moolsangh (original group). मूलसंघ के विघटन के पश्चात बना जैन साधुओं का एक संघ “
घातकत्व निदान An evil thought of harming someone in next birth. घातक कषायरूप निदान ; ‘ परलोक में मै किसी का बुरा करूँ ‘ आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]