लोकोत्तर शुचित्व!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर शुचित्व –Lokottara Shuchitva Absolute purity of the soul . कर्ममल –कलंक को छोड़कर आत्मा का आत्मा में ही अवस्थान लोकोत्तर शुचित्व है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर शुचित्व –Lokottara Shuchitva Absolute purity of the soul . कर्ममल –कलंक को छोड़कर आत्मा का आत्मा में ही अवस्थान लोकोत्तर शुचित्व है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति इंद्रिय – Nirvrtti Indriya. Formative sense (reg. organic structure of any matter.) द्रव्येन्द्रिय; इंद्रियों के आकाररूप शुद्ध आत्म प्रदेशों का होना आभ्यन्तर एवं पुदगलों का इंद्रियों के आकार रूप होना बाह्य निवृत्ति है “
उत्तिंग Very tender worms. अति सुकुमार ईलि कृमि को उत्तिंग कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेल – Bela. Name of the initiation tree of Lord Shitalnath, The wood- apple tree and its fruit. शीतलनाथ भगवान के दीक्षा व्रक्ष का नाम ” एक प्रकार का गूदे वाला मीठा फल (बिल्वफल) “
उभारना To raise up, To rouse, To highlight प्रकाशित करना उठाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य अणुव्रत – Satya Anuvrata. Vow of right & true speech. हित मित प्रिय वचन, सब जीवों को संतोषकारक वचन या धर्म का प्रकाशन करने वाले वचन “
आरा Name of a dwelling place of Pankprabha earth, Name of a city of Bihar state. पंकप्रभा पृथ्वी के प्रथम इन्द्रक का नाम बिहार राज्य के एक शहर का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणपथ – Nirvaana Patha. Path of salvation. संसार सर उपरत करने का अथवा परम सुख को प्राप्त करने का मार्ग “
आहारशुद्धि Conceiving of wrong knowledge according to wrong preaching. मन,वचन,काय,द्रव्य,क्षेत्र व काल से आहार का शुद्ध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]