शृंगारार्णवचंद्रिका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शृंगारार्णवचंद्रिका – Shringaaraarnachandrikaa. Name of a poetic composition composed by Vijayavarni. विजयवर्णी कृत एक काव्य शिक्षा छंद अलंकार विषयक संस्कृत भाषाबद्ध एक कृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शृंगारार्णवचंद्रिका – Shringaaraarnachandrikaa. Name of a poetic composition composed by Vijayavarni. विजयवर्णी कृत एक काव्य शिक्षा छंद अलंकार विषयक संस्कृत भाषाबद्ध एक कृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थूल परिग्रह – Sthuula Parigraha. Ten types of external possessions of householders.10 प्रकार के बहिरंग परिग्रह को स्थूल परिग्रह कहते है।
तत्वार्थसार A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचंद्र (ई. 905-955) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ तत्वार्थ का प्ररूपक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर निर्वाण क्रिया –Vira Nirvana Kriya A kind of devotional prayer. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, निर्वाण भक्ति, पंचगुरु भक्ति, शांति भक्ति पढना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति भोजन – Sthiti Bhojana. One of the 28 basic restaints of Jaina Saints, procedural taking food by standing without any support.साधु का एक मूलगुण। दीवाल आदि का संहार न लेकर स्वयं स्थिर खड़े रहकर अपनी अंजली ग्रहण करना स्थिति भेाजन कहलाता है।
तत्वसार A book written by Acharya Devasen. आचार्यदेवसेन (ई. 933-955) द्वारा रचित प्राकृत गाथाबद्ध एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग छध्न्स्थ –VitaragaChadmastha. Souls at the 11th – 12th stage of spiritual devel-opment. ११ वें व १२ वें गुणस्थान वाले वीतराग छध्न्स्थ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थापना स्तव – Sthaapanaa Stava. Hymning the idols of lord Arihant.जिनेन्द्र भगवान के गुणो को धारण करने वाली जिन प्रतिमओ के स्वरुप का कीर्तिन करना स्थापना स्तव है।
गंधा An area of western videh (region). अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संजय – Sanjaya. Name of a super saintwho called Lord varddhaman by a new name ‘Sanmati’. एक चारण रिद्धिधारी मुनि; इनके साथ विहार करने वाले द्वितीय चारणऋद्धिधारीमुनि का नाम विजय था ” एक बार कुण्डलपुर के नंदावर्त महल में पालने में झूलते तीर्थंकर बालक वर्द्धमान के दर्शन मात्र से इन मुनियों का संदेह दूर…