भावशुध्दि!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशुध्दि – Bhavasuddhi. Mental purity, passionlessness. राग, द्वेष, अहंकार, आर्त व रौद्र ध्यान आदि समस्त अशुभ परिणाम से रहित होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशुध्दि – Bhavasuddhi. Mental purity, passionlessness. राग, द्वेष, अहंकार, आर्त व रौद्र ध्यान आदि समस्त अशुभ परिणाम से रहित होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रक्रम – Prakrama. Sequence, A type of Karmic matter, a type of Anuyogdvar. क्रमबध्द, कार्माण पुद्ग्ल प्रचय को प्रक्रम कहते हैं, अग्रायणीयपूर्व की कर्मप्रक्रति वस्तु का ८ वां अनुयोग्द्वार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिनी – Namdina A city of the north of Vijayardh mountain , Name of a female beloved deity of a peripatetic Indra. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, गंधर्व व्यंतर के इन्द्र गितरस की वल्लभिकादेवी ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Name of a Hindi poet. अनेक आध्यात्मिक हिन्दी पदों के रचयिता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्तिसूत्र –Vrttisutra. Briefing of some principle etc. जिसमे संक्षिप्त शब्दों में या सूत्र के समस्त अर्थ को संग्रहीत कर लिया जाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदनपुर – Namdanapura Name of the birth city of Pratinarayan “Merak” एक नगर; तीसरे प्रतिनारायण ‘मेरक’ की जन्म भूमि ”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिदेव–Munidev. The chief disciple of Lord Adinath. भगवान् आदिनाथ के गणधरो का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वासना – Vaasanaa.: Passion,Passionate feelings. संस्कार, अविद्या ,अज्ञान, कषाय आदि की पुनः पुनः प्रवृत्ति रूप अभ्यास से उत्पन्न संस्कार वासना कहलाते हैं “
ध्रुवग्राही One who is constantly involved in grasping of knowledge. जो सतत ज्ञान प्राप्त करने में प्रयत्नशील है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]