ललाम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ललाम – श्रेश्ठ, तिलक। Lalama-Supreme, Excellent
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंकर- सौधर्म स्वर्ग का 27 वाँ पटल व इन्द्रक। prabhamkara – name of the 27th patal (layer) of indrak of saudharma heaven.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम समानता – अर्हत भगवान का एक अतिषय – सजीव होते हुए भी नख रोम और केषो का समान रहना अर्थात न बढना। Roma samanata- A transcendental excellence of lord Arihant, not increasing of nails & hair
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश छेदना- छेदना का एक भेद। ऊध्र्व, अधः आदि प्रदेषें के द्वारा द्रव्यों का पृथक् होना। pradesa chedana – separation of matters
दीपावली A great festival; the day when Nirvan (Liberation) of Lord Mahavira took place. एक त्यौहार महाबीर भगवान का निर्वाण दिवस । इस दिन भगवान महाबीर ने पावापुरी जलमंदिर से निर्वाण प्राप्त किया था तब देवों ने आकार दीपमालिका सजाई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संशय मिथ्यात्व – Sanshaya Mithyaatva. A doubtful state or confusion, a kind of wrong belief. 5 प्रकार के मिथ्यात्वों में एक मिथ्यात्व ” मिथ्यात्व कर्म के उदय से तत्त्वों के स्वरुप में यह है या नहीं ऐसा संदेह होना ” अथवा देव और धर्म के स्वरुप में यह ठीक है या नहीं ऐसा निर्णय…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसक्त द्रव्यसेवा – Sansakta Dravyasevaa. An activity of non-celibacy, using articles of a woman. 10 प्रकार के अब्रह्म में एक; स्त्री का स्पर्श अथवा उसकी शय्या आदि पदार्थों का सेवन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयुत- काल का एक प्रमाणक। 84 लाख प्रयुतांग प्रमाण काल। Prayuta- A time unit
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमार्जन- पिच्छी आदि कोमल उपकरणें से षरीर-भूमि आदि को जीवों के रक्षार्थ मार्जन कर लेना या झाड़ लेना। Pramarjana- Careful act of purification
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविचंद्र – नंदीसंैघ देषीयगण के एक आचार्य का नाम, आनाधनासार समुच्चय के रचियता आचार्य ं। Ravicandra- Name of an Acharya of Nandi group An another acharya the writer of Aradhanasar Samuchchaya