निरीती!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीती – Nireetee. Lack of different calamities. ईतियों का अभा; अतिवृष्टि, अनावृष्टि, भूषण, शलभ, शुक और निकटवर्ती शत्रु-ये 6 ईतियां है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीती – Nireetee. Lack of different calamities. ईतियों का अभा; अतिवृष्टि, अनावृष्टि, भूषण, शलभ, शुक और निकटवर्ती शत्रु-ये 6 ईतियां है “
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसक्त साधु – Sansakta Saadhu. Saints involved in occupational or professional activities. जो मंत्र, वैद्यक या ज्योतिष शास्त्र से अपनी जीविका करते है और राजा आदिकों की सेवा करते हैं वे संसक्त साधु हैं ” ये सदोष साधु होते हैं “
एकेन्द्रिय Beings – having one sense. जिसके मात्र स्पर्शन इन्द्रिय है, पाँच स्थावर जीव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवक्त्र – Suvaktra. One with beautiful face, Name of a vidyadhar king. सुन्दर मुखवाला, एक विद्याधर यह विनमि का वंषज था । विद्युन्मुख का पुत्र और विद्युददंष्ट्र का पिता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरतिचारता – Niratichaarataa. State of faultiessness, state of non-transgression, Non- Violation. निरतिचार या निर्दोषताका भाव निरतिचारता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोक विचय – Lok Vishya:. Contemplation about the shape of Teen Lok (Three world), Madhya Lok(middle world) etc. तीन लोक के आकार का ,मध्यलोक के आकारादि का चिंतन लोक विषय धर्मध्यान कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमुखी – Sumukhee. A beautiful lady, Name of the 49 th city in the south of Vijayardha mountain. सुन्दर मुख वाली स्त्री, विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी की 49 वीं नगरी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिणामिक ॠध्दि – Parinamika Rddhi. A type of supernatural power. बुध्दिॠध्दि के १८ भेदों में १५वें भेद अष्टांग महानिमित्त के तीन भेदों में तीसरा भेद- जिसके प्रभाव से निज- निज जाति विशेषों में बुध्दि उत्पन्न होती है (धवला पुस्तक ९ से) “