जघन्य भाव!
जघन्य भाव Low sentiments. निम्न भाव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वर्णिनीषु One who wants to determine the truth. जो च को ज्ञात करना चहाता है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति – Prakrti. Nature, Physical existence, Characteristic, Property. नैसर्गिक स्थिति, लक्ष्ण, विशेष धर्म, रूप, गुण, स्वभाव आदि “
जघन्य परीतानंत A mathematical term of infinite measure. जघन्य असंख्यातासंख्यात को तीन बार वर्गित संवार्गित करके उसमें द्रव यों के प्रदेशों आदि रूप में कुछ राशियाँ जोड़ना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार मंत्र ‘‘Namo Arihantanam, Namo Siddhanam, Namo Ayariyanam, Namo Uvajjhayanam, Namo Loe Savvasahunam.’’ It is an omnipotent Mantra (an assemblage of super auspicious mystic words) of Jaina religion. णमो अरिहंताणं, णमों सिद्धाणं, णमोआयरियणं, णमो उवज्झायाणं, णमों लोएसव्व्साहूणं यह जैन शासन का मूलमंत्र (सर्वशक्तिमान मंत्र) है , जिसमें परमेष्ष्ठियों अर्थात् अरहन्त, सिद्ध, आचार्य , उपाध्याय, और…
जंबूस्वामी The last omniscient of the present age. भाग वान महावीर के पश्र्चात् अंतिम एवं तिर्तीय अनुबद्ध केवली (ई.पू. ५०३-४६५), ये राजगृही में जन्मे एवं मथुरा से मोक्ष प्राप्त किया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वोैषध ऋद्धि – Sarvaushadha Riddhi. A type of supernatural medicinal power of curing one from disease. जिस ऋद्धि के प्रभाव से दुष्कर तप से युक्त मुनियों का स्पर्ष किया हुआ जल, वायु, तथा उनके रोम व नखादिक व्याधि के हरने वाले हो जाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याचना परिशह जय – जैन साधुओ द्वारा क्षुदा तृश्णा से पीडित होने पर भी अपने लिए दीनता पूर्वक नहीं मांगना अर्थात मौनपूर्वक बाधाओ को सहन करना याचना – परिशह जय कहलाता है। Yacana Parisaha Jaya-Victory over affiictions caused due to hungers & thirst etc. by a saint (i.e. to refrain from begging even in…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिमित्र – Bhumimitra. Name of a king of Shrenik dynasty of magadh state. मगध राज्य के श्रेणिक वंश का एक राजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानुकंपा – Sarvaanukampaa. Great feeling of compassion. अनुकंपा के 3 भेदों में एक भेद । दुखी प्राणियों को स्वस्थ करना, उनकी पीडा का उपषम करना यह सर्वानुकंपा है।