गोदावरी!
गोदावरी A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोदावरी A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संततता – Santatataa. Continuance, Iteration, Tradition. निरंतर, संतत, परम्परा “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव सिद्व – Svabhaava Siddha. . Self proved or identified matter. अहेतुक या स्वतः सिद्व। जैसे वास्तव मे द्रव्यो मे द्रव्यान्तर की उत्पत्त्ति नही होती, क्योकि सर्व द्र्रव्य स्वभाव सिद्व है उनकी स्वभाव सिद्वता अनादि से है।
गुरु स्पर्श आचार्य आदि वीतरागी गुरुओं के भक्ति से चरण छूना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्राण – Bahya Prana. All valuable articles to be very dear to a person. लोक में स्वर्ण, धन आदि जितने भी पदार्थ हैं वे सब प्राणियों को अत्यंत प्रिय होने के कारण बाह्य प्राण कहलाते हैं “
गुण Virtues, Attributes, Merits. पूरे द्रव्य में जो व्यापक हो व द्रव्य के साथ सर्व पर्यायों में पाया जावे.द्रव्य के साथ सहभावी हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्व भाव – Bhvyatva Bhava. Worthy feeling for salvation. जीव के पारिणामिक भाव का एक भेद ” देखें – भव्यत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वप्न (सत्य-असत्य) – Svapna (Satya-Asatya). Right & False dreams.स्वस्थ अवस्था मे दिखने वाले तथा दैव से उत्पन्न होने वाले स्वप्न सत्य होते है एवं अस्वस्थ अवस्था मे तथा दोष से उत्पन्न होने वाले स्वप्न असत्य होते है।
गति द्विक Dyad of Karmic nature related to Gati. गति, गत्यानुपूर्वी(जैसे-तिर्यंच गति , तिर्यंच गत्यानुपूर्वी आदि)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अनंत – Bhava Ananta. To have knowledge of scriptures and involve-ment in it. अनन्त विषयक शास्त्र को जानना एवं वर्तमान में उसके उपयोग से उपयुक्त होना अथवा त्रिकाल जात अनंत पर्यायों से परिणत होना “