गारव!
गारव Pride, Arrogance. गर्व या बड़प्पन होना ;यह तीन प्रकार का है- ऋद्धि गारव , रस गारव , सात गारव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गारव Pride, Arrogance. गर्व या बड़प्पन होना ;यह तीन प्रकार का है- ऋद्धि गारव , रस गारव , सात गारव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गिरिशिखर A city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की उत्तर दिशा का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रोपयोग–Mishropyoga. Involvement in delusive & non–delusive (pure) nature knowledge. राग व वीतरागता रूप परिणत उपयोग की प्रवृत्ति”
गुणव्रत Vows which increase virtues. गुणों को बढाने वाले तथा अणुव्रतों का उपकार करने वाले व्रत , दिग्व्रत , देशव्रत , अनर्थदण्डव्रत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघरथ– Meghrath. Past birth name of Lord Shantinath. पुष्कलावती देश में पुण्डरीकिणी नगरी के राजा घनरथ का पुत्र जो शांतिनाथ भगवान् के पूर्व का दूसरा भाव है”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जीव : == प्राणैश्चतुर्भिर्जीवति, जीविष्यति य खलु: जीवित: पूर्वम्। स जीव:, प्राणा:, पुनर्बलमिन्द्रियमायुरुच्छ्वास:।। —समणसुत्त : ६४५ जो चार प्राणों से वर्तमान में जीता है, भविष्य में जीयेगा और अतीत में जिया है, वह जीव द्रव्य है। प्राण चार हैं—बल, इन्द्रिय, आयु और उच्छ्वास। अणुगुरुदेहप्रमाण: उपसंहारप्रसप्र्पत: चेतयिता। असमवहत: व्यवहारात्,…
गति-अगति(सामान्य) Probability of getting any body form (Gati) by transmigration. किस स्थान से नारकर किस गति में जीव उत्पन्न हो सकता है और किसमें नहीं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वदिशा – Poorvadishaa. East-direction (for conducting relegious observances etc. all auspicious deeds). एक शुभ दिशा, सूर्योदय वाली दिशा, पूएव दिशा में मुख करके कृतिकर्म सामायिक आदि करना चाहिए “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्राह्मण – Brahmana. A Hindu- caste, known by virtues and good activities. जैन धर्म के अनुसार भरत चक्रवर्ती द्वारा स्थापित वर्ण ” ये ब्रह्मसूत्र (यज्ञोपवीत) को धारण करते थे तथा अहिंसा आदि सदाचार को पालते थे “