मुनिगुप्त!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिगुप्त–Munigupt,
एषणा Eating & drinking, A fault of food and hermitage of saints. अशन, पान, खाद्याऔर स्वाद्या का नाम एषणा हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतान – Santaana. Offsprings, descendants, Name of the 50th planet. गोत्र, कुल, वंश और संतान ये सब एकार्थवाचक नाम है, 88 ग्रहों में 50वां ग्रह “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभावाराधना – Svabhaavaaraadhanaa. Engrossment in self. समता, माध्यस्थता, शुद्व भाव, वीतरागता, धर्म, स्वभाव की आराधना ये एकार्थवाची शब्द है एवं इन सबको ही स्वभाव की आराधना कहा गया है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथी – राजाओं के पाच भेदो में से एक भेद, ये भेद हैं – अतिरथ, महारथ, समरथ, अध्र्र्र्र्थ, रथि। Rathi-A great warrior
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाल ब्रह्मचारी – Bala Brahumacari. A celibate from childhood. बालपने से ही ब्रह्मचर्य वृत को पालने वाला “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव ज्ञान – Svabhaava Jnnaana. Self revealing knowledge, natural knowledge. जो इन्द्रिय रहित असहाय केवलज्ञान है वह स्वभाव ज्ञान है।
आयुकर्मप्रकृति A karmic nature causing age binding. जिस कर्म के उदय से यह जीव निश्चित समय तक नरक, तिर्यंच, मनुष्य, देवच के शरीर में रूका रहे।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वप्रतिभास – Svapratibhaasa. Self apprehension.स्वप्रतिभास को केवल दर्शन कहते है।
इंगिनी(मरण) A type of holy death, Voluntary death. सल्लेखना का एक भेद शास्त्रविधि पूर्वक क्रमशः आहार का त्याग करके स्वाश्रित रहकर दूसरे के द्वारा वैयावृत्ति आदि नहीं कराते हुए समाधि ली जाती है इस प्रकार की सल्लेखना उत्तम संहनन के धारी लेते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]