प्रतिबुद्धता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबुद्धता – Pratibuddhataa. Discriminative knowledge. प्रत्येक क्षण व लव में होने वाले प्रतिबोध (ज्ञान) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबुद्धता – Pratibuddhataa. Discriminative knowledge. प्रत्येक क्षण व लव में होने वाले प्रतिबोध (ज्ञान) “
ताप To have pain, distress, mental agony. असातावेदनीय के आस्रव का कारण अपवाद आदि के कारण अपवाद आदि के कारण खिन्न हो तीव्र संताप होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपाती – Pratipaatee. One falling from the stage of right conduct. सम्यकचारित्र से भ्रष्ट होकर असंयम में आने वाला “
तरेसठ शलाकापुरूष चरित्र Name of a famous saint, the disciple of Acharya Shri Pushpadantsagar Maharaj. चामुण्डराय द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्ध एक रचना (ई.श.10-11)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघकर्म – Pratighakarma. Removing obstruction or resistance. अनुयोग की निरुक्तिमें प्रयुक्त 5 दृष्टान्तों में एक-जैसे लकड़ी से किसी वस्तु को तैयार करने के लिए उसके निरुपयोगी भाग को छांटकर निकाल देना (अपरनाम-प्रतिघात कर्म) “
तपविधा Supernatural powers, sanctified by fasting related to austerity. षष्ठ और अष्टम आदि उपवासों (बेला तेला आदि ) से सिद्ध की गयी विद्याएं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणेता – Pranetaa. Founder, Maker, Composer. संस्थापक, रचनाकार “
तदुभयसारी ऋद्धि A type of super natural power. बुद्धि ऋद्धि का एक उपभेद जो बुद्धि नियम अथवा अनियम से एक बीजशब्द को ग्रहण करके उपरिम अधस्तन ग्रंथ को एक साथ जानती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंत (आचार्य) – Puspadamta (Acarya). Name of an Acharya of Moolsangh, who wrote Shatkhandagam (a great Jaina treatise). मुलसंघ के एक आचार्य; धरसेनाचार्य के पादमुल में ज्ञान प्राप्त करके षट्खंडागम की रचना की, ये अंगांशधारी थे. इस नाम से और भी आचार्य हुए “
तदुभय वक्ताव्यता A type of statement or exposition. वक्ताव्यता के 3 भेदों में एक भेद स्वसमय , परसमय दोनों का निरूपण करके जहां पर समय को दोषमुक्त दिखलाकर स्वसमय की स्थापना की जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]