देवसत्य!
देवसत्य The 39th chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान ऋषभदेव के 39 वे गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवसत्य The 39th chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान ऋषभदेव के 39 वे गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चूलिका Peak, Summit, A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). पर्वत की चोटी , श्रुतज्ञान ; दृष्टिप्रवाद अंग का ५वां भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमावलि – Bhimavali. Name of the first Rudra. प्रथम रूद्र, यह भगवान वृषभदेव के तीर्थ में हुआ था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यघर – Shunyaghara. Peaceful and solitude-place like caves etc. (for saints’ staying). वसतिका; साधू के ठहरने के लिए एकांत गुफा, वेइक्ष की कोटर आदि शून्य स्थान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समारंभ – Samaarambha. Preparation (of means). कार्य साध्य के लिये साधनों का इकट्टा करना समारंभ है। या साधनों का जुटना समारभ है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेचानदी – मध्यप्रदेष की एक प्रसिद्ध नदी, इसके किनारे सिद्धवर कूट सिद्ध क्षेत्र है। Reva nadi-name of a holy river of madya Pradesha near Siddhvarkut , a place of pilgrimage
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ्र – Shubhra. Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर; इसे राजासूर्य ने बसाया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तूप -Stuupa. A dome shaped structure ( a type of creation in the samavasharana, the assembly of Lord).समवषरण रचना का एक अंग। ये समवषरण की वीथियो के मध्यभाग मे बनाये जाते है। अर्हत और परमेष्ठियो की प्रतिमाये इनके चारो और स्थापित की जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षसी विद्या – मेघवाहन विद्याघर को राक्षसो के इन्द्र भीम व सुभीम से प्राप्त एक विद्या। Raksasi Vidya-A super power possessed by Raksasa (Demon)
चल Moving, Unsteady, Restless, A fault of right perception (pertaining to passions). जो कुछ काल तक स्थिर रहकर चलायमान हो जाता है . सम्यग्दर्शन के तीन दोषों में एक दोष ; जल कल्लोल की तरह नाना विषयों में चलायान रहना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]