भदंत!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भदंत – Bhadamta. Respectful word for addressing great ascetics. जो सब कल्याणों को प्राप्त हों वह भदन्त हैं , साधु का अपरनाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भदंत – Bhadamta. Respectful word for addressing great ascetics. जो सब कल्याणों को प्राप्त हों वह भदन्त हैं , साधु का अपरनाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालनयन – Vishalanayana. Name of the 4th Rudra among all 11. ११ रुद्रों में चौथा रूद्र अपरनाम वैश्वानर ” इसकी ऊंचाई ९० धनुष एवं आयु एक लाख पूर्व की थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Supreme, Highest state which is originated after the destruction of all Karmas. उत्कृष्ट, समस्त कर्मों का नाश होने पर अपने स्वभाव से जो उत्पन्न है उसे परा कहते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञमित्र–Yagyamitr. Name of the 50th chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर वृषभदेव के 50वे गणधर का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विन्ध्य पर्वत – Vindhya Parvata.: Name of a mountain, one of the mountains at Shravanbelagola (a place of pilgrimage). श्रवणबेलगोल(कर्नाटक) के दो पर्वत में दूसरा पर्वत विन्ध्यगिरि ” जहाँ भगवान बाहुबली की 57 फुट ऊँची उन्त्तुग प्रतिमा विराजमान है “
एकेन्द्रिय जाति नामकर्म A karmic nature causing one sensed beings. जिस कर्म में उदय से एकेन्द्रिय जाति में जन्म मिलता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनंदि: Name of the disciple of Acharya Shri Kunthusagar Maharaj and many other Digamber Jain Acharyas. आचार्यश्री कुंथुसागर जी महाराज के एक प्रसिद्ध षिष्य ( ई0 श0 20-21) । इस नाम से दिगम्बर जैन आम्नाय में अनेको आचर्य हुए है। आचार्य कुंदकुद स्वामी को भी पदमनंदि नाम से जाना जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वारुणी –Vaarunii.: Name of a super power,Name of a city in the north of Vijayardh mountain. एक विद्या ,विजयार्ध पर्वत के उत्तरश्रेणी की एक नगरी “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == तीर्थ : == रत्नत्रयसंयुक्त: जीव: अपि, भवति उत्तमं तीर्थम्। संसारं तरति यत:, रत्नत्रयदिव्यनावा।। —समणसुत्त : ५१४ (वास्तव में) रत्नत्रय से सम्पन्न जीव ही उत्तम तीर्थ (तट) है, क्योंकि वह रत्नत्रयरूपी दिव्य नौका द्वारा संसार—सागर को पार करता है।