वर्ण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्ण – Varna.: Colour, Sect or caste, Word. रंग,जाति ,अक्षर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पालंब – Palamba. Name of a great omniscient in the Tirtha of Lord Mahavira. भगवान वीर के तीर्थ में हुए १० अन्तकृतकेवलियों में एक केवली “
तमोबाण Dark night, a night during the wane of the moon, A cave of the Vijayardh mountain. अंधकार का प्रसार करने वाला बाण , इसे भास्कर बाण से प्रभावहीन किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वराटक – Varaataka.: A small shell, a cowrie (used as coin). कौड़ी – दो इन्द्रिय (स्पर्शन, रसना )जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायदीपावली – Nyaayadeepaawali. Name of a book written by Anandbodh. वैदिक साहित्य प्रवर्तक आनन्दबोध (ई.श. 11-12) द्वारा रचित एक ग्रंथ “
तपोनिधिव्रत A vow of fasting for 1057 days with particular procedure. एक व्रत का नाम जिसमें 1057 दिन विधि पूर्वक व्रत किये जाते हैं। विशेष देखें – हरिवंशपुराण ग्रंथ में।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वपुः स्पर्श – Vapu Sparsh. Touching the body organs (a fault of meditative relaxation). व्युत्सर्ग (कायोत्सर्ग ) का एक दोष ; शरीर को इधर – उधर स्पर्श करते हुए कायोत्सर्ग करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयद्विक् – Bhayadvik. Dyad of Karmic nature related to fear. भय, जुगुप्सा (कर्म प्रकृतियों से संबंधित) “
तन्मनोहरांगनिरीक्षण त्याग Renunciation of watching the beauty of women. ब्रहाचर्य व्रत की दूसरी भावना स्त्रियों के मनोहर अंगों को देखने का त्याग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्त –Vrtta. Circle, A type of religious conduct. वर्तुलाकार, गोल, पापारम्भ के कार्यो से विरक्त होने में सहायक कर्म ” ये देव – पूजा आदि ६ होते हैं इनका आचरण करना वृत्त कहलाता हैं “