प्रकृष्ट!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृष्ट – Prakrsta. Ultimate, supreme, excellent. सर्वोंतम, श्रेष्ठ, गौरवशाली “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृष्ट – Prakrsta. Ultimate, supreme, excellent. सर्वोंतम, श्रेष्ठ, गौरवशाली “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिविधान व्रत – तीन वर्श तक हरे भादों माघ व चैत्र मास में कृ अमावस को एकासन 1 से तीन को तेला तथा 4 को एकासन करना एवं षीलव्रत पालते हुए ऊँ हीं महावीराय नम की त्रिकाल जाप करना। Labdhividhana Vrata-A particular type of fasting or vow
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष काल – Vishesha Kala. A type of peculiar time. विधि रूप वर्तन सामान्य काल है और निषेध स्वरूप विशेष काल हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विर्यान्तराय कर्म –Viryamtaraya Karma. An obstructive Karma obscuring the vitality of beings of soul. जिस कर्म के उदय से आत्म वीर्य की रुकावट हो या जीव किसी कार्य के प्रति उत्साहित होने की इच्छा होते हुए भी उत्साहित नहीं हो पाता एवं असमर्थता का अनुभव करता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध राषि – प्राप्त की गई राषि। Labdha rasi-Gained amount or quantity of something
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालुक – Baluka. Name of heavenly space vehicle of SaudharmaIndra. सौंधर्म इन्द्र के यान विमान का नाम “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तिकत–Muktikant. Salvated one. सिद्धभगवान्, जो उपमा अलंकर के अनुसार मुक्तिरुपी कन्या के पति होते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोचन – उत्तर कुरू का दिग्गजेन्द्र पर्वत। Rocana-A diggagendra mountain of north kuru
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वासुदेव – Vaasudeva.: Another name of Shri Krishna. श्री कृष्ण का अपरनाम “