आरा!
आरा Name of a dwelling place of Pankprabha earth, Name of a city of Bihar state. पंकप्रभा पृथ्वी के प्रथम इन्द्रक का नाम बिहार राज्य के एक शहर का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरा Name of a dwelling place of Pankprabha earth, Name of a city of Bihar state. पंकप्रभा पृथ्वी के प्रथम इन्द्रक का नाम बिहार राज्य के एक शहर का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणपथ – Nirvaana Patha. Path of salvation. संसार सर उपरत करने का अथवा परम सुख को प्राप्त करने का मार्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Beneficence to other, well- being of others. दूसरो का हित करना व चाहना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथालब्ध–Yathalabdh. Whatever available (an adjective word). जो भी उपलब्ध हो (यह एक विशेषण रूप शब्द है जो व्यापार, ज्ञान आदि में जितना उपलब्ध हो उसमें संतोष करना रूप से घटित होता है” यह साधुओ के आहार संबंधी विषय में भी घटित होता है”)
आदाननिक्षेपण Carefulness in performing activities (putting & taking articles) by Jaina saints. पाँच समितियों में एक समिति-शास्त्र,कमंडलु आदि उपकरणों को देख-भालकर पिच्छी से शोधन करके रखना-उठाना। यह जैन साधुओं का एक मूल गुण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपसमुद्र Sub-ocean, Large reservoir containing ocean water . समुद्र का जल-उछल-उछल कर समुद्र के समीप ही किसी गहरे स्थान में इकटठा हो जाने पर वह उपसमुद्र कहलाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पदमध्वज: Auspicious flags in the samavasharan-assembly of Lord, Name of predestined Kulkar (ethical founder). स्मवशरण से संबंधित कमलांकित ध्वजाएं, भविष्य कालीन 14 वें कुलकर ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छन–Murchchhan. A type of birth by spontaneous generation. तीन लोको के ऊपर, नीचे और तिरछे देह का चारो ओर सेग्रहण होना अर्थात चारो ओर से पुद्गलो का ग्रहण करके अवयवो की रचना होना, इसी को संमूर्च्छन जन्म कहते है”
आसिका A particular activity of a saint-taking permission from deities, householders etc. for passing through the way etc. मुनियों के आचार या समाचार का एक भेद, ठहरने की जगह से निकलते हुये देवता ग्रहस्थ आदि से पूछकर गमन करना अथवा पाप क्रियाओं से मन को रोकना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्यापकाचार्य – Niryaapakaachaarya. A preceptor of spiritual leader of other saints. निर्यापक मुनियों को नियत करने वाले आचार्य “