शालि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शालि – Shali. A special type of rice. एक विशेष प्रकार का धान्य-चावल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शालि – Shali. A special type of rice. एक विशेष प्रकार का धान्य-चावल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्रतिक्रमण – Nishchaya Pratikranana. Absolute penitential retreat for good & bad Karmas. पूर्वकृत जो अनेक प्रकार के विस्तार वाले शुभ व अशुभ कर्म है, उनकों आत्मा से पृथक करके आत्मलीन होना ” यह मुनि अवस्था में ही घटित होता है “
गंधमाली A deity of Gandhmali summit (Koot) of Gandhmadan gajdant mountain. गंधमादन गजदन्त के गंधमाली कूट का स्वामी देव । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपशमसम्यग्दर्शन Origination of right perception due to upasham. दर्शन मोहनीय कर्म के उपशम से आत्मा में जो निर्मल श्रद्धान उत्पन्न होता है यह प्रथमोपशम एंव द्वितीयोपशम समर्यदर्शन के भेद से 2 प्रकार का है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपशांतकर्म Karmas existing but not fruitful. कर्म की शक्ति की अप्रगटता या फल न देना किन्तु सत्ता में बैठे रहना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक शास्त्र –Laukika Shaastra. Compositions providing worldly knowledge. व्याकरण ,गणित आदि लौकिक शास्त्र हैं “
तत्वचिंतन Act of deep thinking over 7 tattvas (matters). शुभोपयोग सात तत्वों का मनन करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांतिनाथ चारित्र – Shantinaatha Chaaritra. Name of a book written in Sanskrit language. संस्कृत भाषा बद्ध एक ग्रंथ “
उपादान कारण(क्षणिक) Affluent cause (momentary). क्षणिक रूप से उपादान कारण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोहाचार्य –Lohaacharya.: Name of a great Acharya in the era of Lord Mahaveera . महावीर भगवान के निर्वाण के 565 वर्ष बाद हुए आचारान्गधारी चार आचार्यों में चौथे आचार्य “