सर्वरक्षित!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरक्षित – Sarvaraksita. Name of a specific heavenly deity-a Laukantik Dev. एक लौेकांतिक देव । यह तुषित और अव्याबाध लौकांतिक देव के मध्य में है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरक्षित – Sarvaraksita. Name of a specific heavenly deity-a Laukantik Dev. एक लौेकांतिक देव । यह तुषित और अव्याबाध लौकांतिक देव के मध्य में है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वतोभद्र – Sarvatobhadra. Heavenly space craft of Brahmendra, Name of cow-pan of Bharat Chakravarti (emperor). ब्रह्मेन्द्र का यान-विमाान, भगवान ऋषभदेव के 84 खन (मंजिल) ऊॅंचे महल का नाम । भरत चक्रवर्ती की गौषाला का नाम ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रायमल्लाभुदय – 24 तीर्थकरों के जीवन वृत्त विशयक एक ग्रथ। Rayamallabhyudaya- name of a religious book रावण – 8 वा प्रतिनारायण राजा रत्नश्रवा व रानी कैकसी का पुत्र अपरनाम दषानन। यह लंका का राजा था इसकी 18 हजार रानियां थी। जैन धर्म के अनुसार सीता का हरण कर नारायण लक्ष्मण के हाथों मरकर तीसरे…
चुलुलित An infraction of meditative relaxation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पिःस्त्रावी ऋद्वि – Sarpihsraavee Riddhi. A type of supernatural power (of transforming tasteless food into delicious food). एक रस ऋद्वि। जिसके प्रभाव से हाथ मे आया नीरस एवं सूखा भोजन भी सरस-धृतयुक्त हो जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्ननंदी – नंदीसंध बलात्कार गण में वीरनंदी न 1 के षिश्य व माणिक्यनंदी न 1 के गुरू। समय ई 639 से 668 Ratnanadi-Name of the disciple of Virnandi-1 and preceptor of Manikyanandi-1
चालुक्य वंश Name of a dynasty. एक वंश का नाम जिसमें अरिकेसरी (ई. ९४९- ९७४) आदि राजा हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरस – Sarasa. Juicy, tasty, charming, name of the 2nd patal (layer) & Indrak of Brahma heaven. रसयुक्त, स्वादिष्ट, मनेाहर, भावपूर्ण, ब्रह्म स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक।