त्वष्टा!
त्वष्टा Name of a presiding deity of Chitra lunar. चित्रा नक्षत्र के अधिपति देवता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्वष्टा Name of a presiding deity of Chitra lunar. चित्रा नक्षत्र के अधिपति देवता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषदत्ता – Purusadatta. Ruling female demigod of Lord Sumatinath. भगवान सुमतिनाथ की शासन देवी (यक्षिणी) “
त्रुटरेणु An area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष, आठ संज्ञा- संज्ञाओं (सन्नासन्न) का एक त्रुटरेणु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणाली – Pranaalee. Particular method, System, Water channel, Drain. पद्धति, जलमार्ग, नाली
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रात्रियोग – साधुओं का एक कृति कर्म। सायंकालीन प्रतिक्रमण के पष्चात योग भक्तिपूर्वक जैन साधु रात्रियोग धारण करते है।प्रात कालीन सामायिक से पूर्व योग भक्तिपूर्वक ही उसका निश्ठापान करते हैं। Ratriyoga-Meditation activities to be observed by saints during night hours (an austerity)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रचाला – Prachalaa. Drowsiness (Karmic nature causing drowsiness). दर्शनावरण कर्म का एक भेद; जिसके उदय से प्राणी नींद में भी कुछ जागता है और कुछ सोता है “
चक्षु इन्द्रिय Visual sense organ, sense of sight, ocular sense. आँखें, जिसके द्वारा संसारी जीव पदार्थों को देखता है उसे चक्षु इन्द्रिय कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तादाम–Muktadaam. A type of wreath of pearls. मोतियो से निर्मित मालाये, इन्हें विमानों में लटकाकर उनकी शोबव्रद्धि की जाति है”
त्रिलोकसार A book of Karnanuyog written by Acharya Nemichandra Siddhant Chakravarti. आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती द्वारा ई.श.11 पूर्व में रचित करणानुयोग से संबंधित लोकविभाग विषय पर प्राकृत ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:सूक्तियां ]] [[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मनुष्य : == मण्णंति जदा णिच्चं मणेण णिउणा जदो दु ये जीवा। मण उक्कडा य जम्हा तम्हा ते माणुसा भणिया।। —पंचसंग्रह : १-६२ वे मनुष्य कहलाते हैं जो मन के द्वारा नित्य ही हेय—उपादेय, तत्त्व—अतत्त्व तथा धर्म—अधर्म का विचार करते हैं, कार्य…