रसाधिकाम्मोद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसाधिकाम्मोद – रसधिक जाति के मेघ। यं रस की वर्शा करते हैं।उत्सर्पिणी काल में अतिदुशमा काल के अन्त में ये बरसते है जिससे घरती उपजाउ होती है। Rasadhikammoda-A kind of clouds causing juicy raining
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसाधिकाम्मोद – रसधिक जाति के मेघ। यं रस की वर्शा करते हैं।उत्सर्पिणी काल में अतिदुशमा काल के अन्त में ये बरसते है जिससे घरती उपजाउ होती है। Rasadhikammoda-A kind of clouds causing juicy raining
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संभाषण – Sanbhaashana. Conversation, Dialogue. कथोपकथन, बातचीत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपसत्य – 10 प्रकार के सत्यभाशण में एक। इसमें पदार्थ के न हाने पर रूप मात्र की अपेक्षा उसका कथन करना।जैसे – चित्र में बने पुरूश को पुरूश कहना। Rupasatya-Description of something by general outline
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेताम्बर संघ – Shvetaambara Sangha. Group of Shvetambar Jain saints. गोपुच्छक, श्वेताम्बर, द्रविड़, यापनीय, निष्पिच्छ इन 5 जैनाभासी संघो में एक संघ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लांतव देव – सातवे स्वर्ग के निवासी देव। Lamtava Deva-The deities of the 7th heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रोत्रज मतिज्ञान – Shrotraja Matigyaana. Sensory knowledge acquired through speech. सुनकर प्राप्त किया गया ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतस्कंध पूजा – Shrutaskandha Poojaa. Name of a worshipping hymn written by Gangadas. गंगादास (ई. 1690-1693) कृत पूजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलभूषण – Sakalabhooshana. Name of a Bhattarak of Nandi group, the disciple of Subhchandra. नंदिसंघ बलात्कारगण शुभचन्द्र के शिष्य एक भट्टारक (वि. 1613-1630) उपदेश रत्नमाला कृति के लेखक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिकर्म – मन वचन काय द्वारा आत्म प्रदेषो की चंचलता। Yoga parikarma-Vibration in soul points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतकीर्ति – Shrutakeerti. Name of a two different saints of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण त्रिभुवन कीर्ति के शिष्य जिन्होंने अनेक ग्रंथो की रचना की ” नंदिसंघ देशीयगण, माघनंदि कोल्हापुरीय के शिष्य एक महावादी ” कृति-काव्य राघव पाण्डवीय (समय- ई. 1133-1163) “