साक्षर शब्द!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साक्षर शब्द – Sakshara Sabda. Syllabary language. मनुष्यों की भाषा साक्षरी तथा पशु-पक्षियो की निरक्षरी होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साक्षर शब्द – Sakshara Sabda. Syllabary language. मनुष्यों की भाषा साक्षरी तथा पशु-पक्षियो की निरक्षरी होती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रतिवाक् – सत्यप्रवाद में वर्णित 12 प्रकार की भाशाओं में राग को उत्पन्न करने वाली एक भाशा Rativak-A type of language causing passion and attachment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांतर बंधी प्रकृति – Saantara Bandhee Prakrti. A karmic nature with having property of its anhihilation (to put out of existence of one Gati for another). जिस कर्म प्रकृति का काल के क्षय से बन्ध व्युच्छेद संभव है वह सांतरबंधी प्रकृति है। अर्थात् जहां किसी समय देवगति का बंध हो और किसी समय अन्य…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रतिकर – नंदीष्वर द्वीप की चारों दिषाओं में स्थित वापिकाओं कें कोणों के समीप स्थित स्र्वणमय ढोलक के आकार वाले पर्वत Ratikara- Golden and cylindrical mountains situated in all sides of Nandishvar island
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिषेधरुप हेतु- हेतु का एक भेद; इस स्थान पर षीत नहीं है क्योंकि उश्णता मौजूद है, इस प्राणी में सुख नही है क्योंकि सुख से विरुद्ध दुःख मौजूद है, इत्यादि। pratisedharupa hetu – a cause pertaining to negative sense
गंधव्यास A summit (koot) of Gajdant mountain. गजदन्त पर्वत का एक कूट ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश परिस्पंद- आत्म प्रदेषें में योगों के माध्यम से हलन चलन होना। pradesa parispamda – vibration in soul spaces
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजकथा – विकथा के 25 भेदो मे से एक भेद, राजाओं एवे उनकी राजव्यवस्था आदि से सम्बन्धित चर्चा करना। Rajakatha-Gossip pertaining to King & kingdom
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन- श्रुतज्ञान का अपरनाम, जिनवाणी, प्रकृश्ट वचन, पिषाच व्यंतरों का 14 वां भेद। Pravacana- sermons, preachings, exposition, a type of peripatetic deities