निसृष्टार्थ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसृष्टार्थ – Nisrishtaartha. Best message conveyor. संदेशवाहक सर्वश्रेष्ठ दूत, कार्य में सफलता प्राप्त करना इसका उद्देश्य रहता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसृष्टार्थ – Nisrishtaartha. Best message conveyor. संदेशवाहक सर्वश्रेष्ठ दूत, कार्य में सफलता प्राप्त करना इसका उद्देश्य रहता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविन्द्र कुमार बह्यचारी – गणिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के एक प्रमुख षिश्य जम्बद्वीप रचना हस्तिनापुर के प्रमुख स्तम्भ।सन् 1972 में आजन्म ब्रहमचार्य व्रत लेकर क्रमष घर्मक्षेत्र में अथक परिश्रम करके माताजी की प्रेरणा से जम्बुद्वीप हस्तिनापर, तपस्थली प्रयाग, कुण्डलपुर, मांतुगा, अयाध्या एवं अनेक तीर्थ क्षेत्रो का विकास करते हुए जैन धर्म की संस्क्ति का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन प्रयोग कर्म – Vachan Prayoga karma.: A type of Prayoga karma (Pertaining to speech). प्रयोग कर्म के 3 भेदों में एक – जो संसार अवस्था में स्थित जीवों के और सयोग केवलियों के होता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त – Bhakta. A devout, a devotee, a pious person, Some-thing divided or separated. धार्मिक, धर्म या धर्मगुरु के प्रति समर्पित व्यक्ति, गणित की भागाहार विधि में भाज्य राशी को भागहार द्वारा भक्त किया गया कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्रग्रीव – Vakragriiv: The other name of Acharya Kund-Kund, Name of another great Acharya also. आचार्य कुंदकुंद का अपर नाम, अंगांशधारियों की परम्परा में एक आचार्य (ई.श. 12) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निशेधसाधक हेतु – Nishedhsaadhak Hetu. Reason pertaining to negation. वह हेतु जो किसी बात का अभाव सिद्ध करे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रवि – सूर्य, राक्षस वंषी एक विद्याघर राजा। Ravi-The sun, Name of a king of Rakshsas dynasty