सर्पगंधा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पगंधा – Sarpagandhaa. Name of a Ayurvedic medicine. एक आयुर्वेदिक औषधि, जो बढ़े रक्तचाप के उपचार हेतु प्रयोग की जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पगंधा – Sarpagandhaa. Name of a Ayurvedic medicine. एक आयुर्वेदिक औषधि, जो बढ़े रक्तचाप के उपचार हेतु प्रयोग की जाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशक्ति – Bhavasakti. Power of thinking. जीव की एक शक्ति; वर्तमान अवस्था (पर्याय) सहितरूप भाव शक्ति है “
चिद्विलास Delight in thought, the illusory nature of the world, A book written by Pandit Deepchand. संसार का मायावी स्वभाव , पं . दीपचंद जी शाह(ई. १७२२) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरागचारित्र – Saraagachaaritra. Right conduct including passion or delusion. राग सहित चारित्र इसे अपवाद, व्यवहार, अपहतसंयम, शुभोपयोग, इन नामो से जाना जाता है। पंचमकाल के मुनियो का सरागचारित्र होता है।
चारित्रशुद्धि A particular vow related to purification of conduct. १२३४ अंगों के उपलक्ष में एक उपवास एक पारना क्रम से ६ वर्ष , १० माह , ८ दिन में १२३४ उपवास करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिमकार Wine, meat, honey (the three inedible things). मदिरा, मास, मधु। तीन न खाने योग्य पदार्थ जिनका प्रारंभ ‘म’ शब्द से है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ण The fifteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का पन्द्रहवाँ व्यंजन अक्ष्सार, इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
चौर्यानम्द To feel pleasure in stealing activities. रौद्रध्यान का एक भेद ; चोरुई करने , कराने व उसकी अनुमति देने में आनंद मानना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष प्रत्यय विधान – Sparssana Pratyaya Vidhaana. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
देवयश Name of the 19th Teerhankar (Jaina Lord) of Videh kshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित 19 वें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]