समता रहित!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समता रहित – Samataa Rahita. Devoid of equanimity. साम्य भाव बिनाः वनवास, कायक्लेश आदि तप, अध्ययन, मौन आदि ये सब समता रहित श्रमण के निष्फल है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समता रहित – Samataa Rahita. Devoid of equanimity. साम्य भाव बिनाः वनवास, कायक्लेश आदि तप, अध्ययन, मौन आदि ये सब समता रहित श्रमण के निष्फल है।
चलशील Irrelevant or vulgar talks or speeches. कंदर्प और कौत्चुत्य इन दो प्रकार के वचनों को पुनः पुनः प्रयोग करना चलशीलता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुरालाप – Madhuralapa. Name of a female deity of a peripatetic Indra. एक व्यंतर इन्द्र किंपुरुष की महत्तरिका देवी का नाम “
दर्शन मोह Right faith deluding Karmas. मोहनीय कर्म का एक भेद जो सम्यग्दर्शन को प्रगट नही होने देता। इसके मिथ्यात्व, सम्यक् मिथ्यात्व, सम्यक्तव प्रकृति ये तीन भेद हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चक्ररथ Soul of ‘Sita’, a predestined Chakravarti (emperor). सीता का जीव ; यह चक्रवर्ती राजा हिओगा रावण -लक्ष्मण के जीव इसके पुत्र होंगे ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मदनकीर्ति – Madanakirti. Name of a disciple of Pandit Ashadharji. पं. आशाधरजी के शिष्य का नाम “
फिलिप्स Father’s name of the great king, ‘Sikandar’. यूनान देश का राजा तथा सम्राट सिकन्दर का पिता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चन्द्रशेखर A king of Vidyadhar descendant. विद्याधर वंश का एक राजा; विशालाक्ष विद्याधर का पुत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतंग – Matamga. Name of an omniscient, who got salvation within Antarmuhurt (a very short span of time). भगवान वीर के तीर्थ के 10 अन्तकृतकेवली में एक केवली “
त्रिरत्न Three jewels of Jaina religion- Right faith, Right knowledge & Right conduct. जैन धर्म के तीन रत्न , सम्यग्दर्शन , सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]