प्रकृति सप्रतिपक्षी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति सप्रतिपक्षी – Prakrti Sapratipaksi. Karmic natures having mutual contradictions. ६२ कर्म प्रक्रतियां आपस में विरोधिपना होने से सप्रतिपक्षी कही जाती हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति सप्रतिपक्षी – Prakrti Sapratipaksi. Karmic natures having mutual contradictions. ६२ कर्म प्रक्रतियां आपस में विरोधिपना होने से सप्रतिपक्षी कही जाती हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमलदेव – Vimaladeva. The writer of ‘Nayachakra’, spiritual teacher of Shridevsen. नयचक्र के रचयिता श्रीदेवसेन के गुरु (वि. ९६५,ई.९०९) “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुरब्बा–Murabba. Jam; preserved fruit (not edible according to Jain philosophy). संधान(आचा आदि) जो त्रस जीवो से संसिक्त होने से अभक्ष्य अर्थात खाने योग्य नहीं है”
द्विचारित्रसिद्ध The soul who gets salvation through two types of super conducts (in accordance with Bhutpragyapana Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा दो चारित्र से सिद्ध होने वाले जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वात्रिंशतिका Name of a prayer written by Amitgati Acharya. आचार्य अमितगति द्वारा रचित 32 श्लोक वाला सामायिक पाठ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजबलिचरित – Bhujabalichrita. A book written by Doddhyya. “. दोद्दय्य’ द्वारा रचित एक ग्रंथ ” इसमें भगवान बाहुबली का जीवन चरित्र है “
उत्तरभाद्रपद नक्षत्र Name of a lunar. एक नक्षत्र का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकांत One sided, Absolute, A type of wrong perception. मिथ्यात्व के 5भेदों में एक भेद- द्रव्य और पर्यायरूप पदार्थ में किसी एक अंग को जानकर यह समरू लेना कि इतना ही इसका स्वरूप है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतृरागता –Vitaragata. State of passionlessness, Freeness from worldly attachment.” सच्चे आप्त (भगवान) के तीन मुख्य गुणों सर्वज्ञंता, वीतरागता तथा हितोपदेशिता में से एक गुण ” जिसमें राग, द्वेष एवं मोह का अभाव होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्षिक प्रतिक्रमण – Vaarshika Pratikramana.: A type of repentance carried on annually by Jain saints. प्रतिक्रमण के 7 भेदों में एक भेद ,सांवत्सरिक प्रतिक्रमण जो एक वर्ष में किया जाता है “आषाढ़ शु. चतुर्दशी या पूर्णिमा को यह प्रतिक्रमण किया जाता है इसमें गुरु समस्त शिष्यों को एक वर्ष का प्रायशि्चत्त प्रदान करते हैं…