प्रशांति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति- उत्कृश्ट शांति तीर्थकर शांतिनाथ के पÜचात दो राजाओं के बाद हुआ कुरुवंषी राजा। Prasanti- Tranquility, Calm A king of kuru dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति- उत्कृश्ट शांति तीर्थकर शांतिनाथ के पÜचात दो राजाओं के बाद हुआ कुरुवंषी राजा। Prasanti- Tranquility, Calm A king of kuru dynasty
फालि Accumulated matters in some particular time. एक समय में उठाये गये समस्त द्रव्य को एक फालि कहते हैं [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बकुल- नमिनाथ भगवान के दीक्षा एवं केवलज्ञान वृक्ष का नाम (मौलसिरी)। Bakula- name of the initiation & ommiscience tree of lord Naminath
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राध – परद्रव्य के परिहार से षुद्ध आत्मा की सिद्धि अथवा साधन राध कहलाता है।आराधना प्रसन्नता पूर्णता सिद्धि साधित आराधिन सेसिद्धि आदि राध के ही पर्यावाची नाम है। Radha-Pertaining to attainment of spiritual power
दिग्पाल A type of guardian deities. दिक्कुमार जाति के देव लोकपाल इन्हीं देवों में से होते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधाभाव गति- एरण्डबीज आदि की बंध के अभाव से होने वाली गति। Bandhabahava Gati- A type of motion
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरसागर (आचार्य) –Virasagara (Acarya) Name of the first disciple of CharitraChakravartiAcharyaShriShantisagarjiMaharaj in his Acharya tradition. चरित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर महाराज के प्रथम शिष्य एवं उनकी परम्परा में पटाटाघीश आचार्य ” जन्म – सन १८७६ में आषाढ शुक्ला १५ (गुरु पूर्णिमा ) एवं समाधि – संन १९५७ आश्विन कृ. अमावस ” सन…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकल्प – Sankalpa. Resolution, Determination, Will. प्रतिज्ञा, कामनाशक्ति, चेतन-अचेतन आदि पदार्थो में ‘ये मेरे हैं’ ऐसी कल्पना करना संकल्प है “
त्रिलोकतीज व्रत A type of fasting. तीन वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल तीज का उपवार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडश स्वप्न – Sodasha Svapna. Sixteen auspicious meaningful dreams seen by Tirthankar’s (Jaina Lord’s) mother. तीर्थंकर माता को दिखने वाले 16 स्वप्न; ऐरावत हाथी, बैल, सिंह, दो माला, लक्ष्मी, पूर्ण चन्द्रमा, सूर्य, दो कलश, मछली युगल, सरोवर, समुद्र, सिंहासन, देवों का विमान, नागेन्द्र भवन, रत्न राशि, निर्धूम अग्नि “