धर्मास्तिकाय!
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मास्तिकाय One of the 5 entities (matters), spatially extended. 5 अस्तिकाय द्रव्यों में एक द्रव्य; जो बहुप्रदेशी और अजीव है। यह जीव पुद्गल की गति में सहकारी होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चूर्णसूत्र Epithet, Aphorism, a short remark which contains a great meaning. अल्प शब्दों में महान अर्थ का धारावाही विवेचन करने वाले पद चूर्णी सूत्र कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थलगता चूलिका – Sthalagataa Cuulikaa. A geat scriptural part of Drishtivad Anga.दृष्टिवाद अंग के अन्तर्गत चूलिका के 5 भेदो मे एक भेद। इसमे दो करोड़ 9 लाख 89 हजार दो सौ पद है। इसमे पृथिवी के भीतर गमन करने के कारणभूत मंत्र तंत्र और तपश्चरण व वास्तुविद्या तथा भूमि सम्बन्धी अन्य शुभश्षुभ लक्ष्णो का…
धर्मसागर A disciple of Acharya Veersagar. आचार्य श्री वीरसागर महाराज के शिष्य, चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की पट्ट परम्परा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य (ई. सन् 1969-1987 तक)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्दश महारत्न Fourteen jewels of Chakravarti (emperor). चक्रवर्ती के १४ रत्न ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मत्तगुणविहाण कव्व – Sammattagunavihaana Kavvya. Name of a book written in Apabhransh language by Shubhkirti. शुभकीर्ति द्वारा (ई. 1442) रचित अप्रभंष भाषाबद्व काव्य।
धर्ममित्र A king who gave first food (reg. Parana) to Lord Kunthunath at Hastinapur. एक राजा ; कुंथुनाथ तीर्थंकर को हस्तिनापुर में प्रथम पारणा करने वाले। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्पत्तिक कषाय – Samutpattika Kashaaya. Something passion generating. जो जीव से भिन्न होकर कषाय को उत्पन्न करता है वह समुत्पत्ति कषाय है।
धर्मदत्त चरित्र A book written by Acharya Dayasagar Suri. आचार्य दयासागर सूरि (ई.1429) कृत एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]