देशव्रत!
देशव्रत Vow of restriction on moving beyond the set limits of area. देखें – देशावकाशिक व्रत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देशव्रत Vow of restriction on moving beyond the set limits of area. देखें – देशावकाशिक व्रत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्याम द्वीप व सागर – Shyaama Dveepa Va Saagara. Name of an island and an ocean of middle universe. मध्यलोक का एक द्वीप व सागर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमस्वरुप प्रतिमा – Sanyamaswaroopa Pratimaa. The passionless saints just like an idol (without wordly attachments). दर्शन ज्ञान प्राप्त करके शुद्ध हैं आचरण जिनका ऐसे वीतराग निग्रंथ साधु संयमस्वरुप प्रतिमा हैं ” इन्हें चेतन प्रतिमा भी जानना चाहिए “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शोक : == हदमाकासं मुट्टिहिं होइ तह कंडिया तुसा होंति। सिगदाओ पीलिदाओ धुसिलिदमुदयं च होई जहा।। —भगवती आराधना : १६२५ जैसे आकाश को मुट्ठियों से मारना, तंडुलो के लिए भूसा काटना, तेल के लिए बालू को यंत्र से पीलना, घी के लिए जल का मंथन करना व्यर्थ है,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रत्ति मार्ग- भक्ति प्रधान धर्म, जहां व्यवहार धर्म की तरफ अधिक झुकाव हो अर्थात गृहस्थ धर्म। Pravrtti marga- Households tendency related to religious conduct
दर्शनमोहनीय कर्म Right faith deluding Karmas. जिस कर्म के उदय से देवशास्त्र गुरू एवं तत्वों के प्रति अश्रद्धान का भाव होता हो , यह सम्यग्दर्शन का घात करती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चन्द्रप्रभ A disciple of Jaysingh Suri. जयसिंह सूरि के शिष्य जिन्होंने प्रमेयरत्नकोष तथा दर्शनशुद्धि नामक न्यायविषयक दो ग्रन्थ लिखे . समय- ई. ११२० ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यान कषाय- pratyakhyana kasaya Obscuring passion in observing abstinent vows. पूर्ण व्रत या संयम के पालन में बाधक कशाय, इसकी अवधि 15 दिन की होती है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सज्जन-दुर्जन : == सुजणो वि होइ लहुओ, दुज्जणसंमेलणाए दोसेण। माला वि मोल्लगरुया, होदि लहू मउयसंसिट्ठा।। —भगवती आराधना : ३४५ दुर्जन की संगति करने से सज्जन का महत्व गिर जाता है, जैसे कि मूल्यवान माला मुर्दे पर डाल देने से निकम्मी—तुच्छ, त्याज्य हो जाती है। सरिसे वि मणुयजन्मे डहइ…