जघन्यगुण!
जघन्यगुण Matters having one or minimum properties. एक अथवा कम से कम गुण . जैसे की जघन्य गुण वाले परमाणु का बंध नहीं होता . यह एक विशेषणरूपभेद है जिसे कहीं भी घटाया जा सकता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्यगुण Matters having one or minimum properties. एक अथवा कम से कम गुण . जैसे की जघन्य गुण वाले परमाणु का बंध नहीं होता . यह एक विशेषणरूपभेद है जिसे कहीं भी घटाया जा सकता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
डामर The father’s name of Lord Parshvanath (of past birth), Agitation. पाश्र्वनाथ भगवान के पूर्वभव के पिता का नाम , अहंकार । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग विचय – Viraga Vichya. Wishing for the renouncement from the world with the contemplation about the nature of world, body & enjoyments. संसार, शरीर एवं भोगों के स्वरूप का चिंतन करते हुए वैराग्य की भावना करना विराग विचय हैं “
तत्वदीपिका A book written by Acharya Bramadeva. आचासर्य ब्रह्ममदेव (वि.श.12 पूर्व) द्वारा संस्कृत भाषा में रचित आध्यात्मिक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्द – Vishuddha. Pure, Genuine, Unadulterated, True. पवित्र, निर्दोष ” विशुध्दकर्म का कार्य होने से आहारक शरीर को विशुध्द कहा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वार्थसिद्धा – Sarvaarthasiddhaa. A super power possessed by Vidyadhars Nami, Vinami. एक विद्या । परमकल्याण रूप, मंत्रों से परिष्कृत विद्याबल से युक्त और सभी का हित करने वाली यह विद्या धरणेन्द्र ने नमि और विनमि विद्याधर को दी थी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाथ वंश – Natha Vansa Name of the dynasty of mahavira भगवन महावीर का वंश ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागीरथी – Bhagirathi. The name of a great river of Bharat Kshetra (a region). भरतक्षेत्र की गंगा नदी “
तंत्रसिद्धांत Doctrines of mystic formula expressed in the scriptures. सिद्धांत के भेद जो अर्थ सर्व शास्त्रों में अविरूद्धता से माना जाये सर्वतन्त्र सिद्धान्त है एवं जो बात एक शास्त्र में सिद्ध व दूसरे असिद्ध पायी जाये जब वह प्रतितंत्र सिद्धांत होता है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशवृत्ति – Prakasavrtti. Tendency towards enlightenment of knowledge. ज्ञान प्राप्ति के लिए जो आत्मा की प्रवृति होती है, उसे प्रकाश वृत्ति कहते हैं “