मक्खन!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मक्खन:- Makkhana. Butter. नवनीत ; 22 अभ्यक्षों में एक अभ्य्क्ष (दूध या दही से मक्खन निकलने के एक मुहर्त पश्चात्त्र स जीवों की उत्पत्ति होने के कारण अभयक्ष कहलाता हैं ) “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मक्खन:- Makkhana. Butter. नवनीत ; 22 अभ्यक्षों में एक अभ्य्क्ष (दूध या दही से मक्खन निकलने के एक मुहर्त पश्चात्त्र स जीवों की उत्पत्ति होने के कारण अभयक्ष कहलाता हैं ) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलेन्द्रिय – Sakalendriya. All five sensed beings. पंचेन्द्रिय जीव सकलेन्द्रिय कहलाता है अर्थात् जिसके पांचो इन्द्रिय है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रात – Brata. A king of kuru dynasty. कुरुवंश की प्रथम वंशावली का एक राजा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तद्वीपिक भूगोल – Saptadveeepika Bhuugola. Geography of seven particular islands on the earth which are interrelated to one another (according to Vedic geography). वैदिक भूगोल जिसके अनुसार पृथिवी पर जम्बू, प्लक्ष, शाल्मल, कुश, शाक और पुष्कर ये 7 द्वीप है। तथा लवगोद, इक्षुरस, सुरोद, सर्पिस्सलिल, दधितोय, श्रीरोध और स्वादुसलिल ये 7 समुद्र जो चूड़ी…
दीर्घदर्शी One foresighted, discerning or learned. दूरदर्शी दूर तक की बात सोचने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्निधिकरण – Sannidhikarana. Drawing near, visionary installation of lord in heart while worshipping. सम्मुख या निकट होना सन्निधिकरण है। पूजा करते समय उपसाय को अपने हृदय मे बिठाना सन्निधिकरण कहलाता है। पूजा के 5 अंगो मे तीसरा अंग है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायिक – रस आसव आदि में उत्पन्न होने वाले जीव। Rasayika-Micro beings taking birth in impure liquids
उदराग्नि Fire of hunger, an affiliction to be beared by Jaina saints. क्षुधा की बाधा क्रोध काम उदर इन तीन अग्नियों में तीसरी अग्नि इसमें मुनिजन अनशन की आहुति देकर आत्मयज्ञ करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणप्रत्यासत्ति Mutual acceptance with virtues. संयोगसम्बन्ध ; गुणों द्वारा परस्पर का एक दुसरे को ग्रहण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]