ग्रह!
ग्रह 88 planets as Mercury, Venus, Mars etc. बुध, शुक्र, मंगल इत्यादि ८८ ग्रह हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रह 88 planets as Mercury, Venus, Mars etc. बुध, शुक्र, मंगल इत्यादि ८८ ग्रह हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधु – Madhu. Honey (non-edible according to Jaina philosophy), Name of the 3rd Pratinarayan. शहद (22 अभक्ष्यों में एक अभक्ष्य) , तीसरे प्रतिनारायण का नाम (अपरनाम – मेरक) “
दंड समुद्घात Expansion of spaces of soul in term of 14 Rajju. केवली के समुद्घात करने का प्रथम चरण, केवली भगवान की आयु कर्म की स्थिति वेदनीय , नाम, गोत्र के बराबर करने के लिए आत्मा के प्रदेश वातवलय को छोड़कर दण्डरूप से 14 राजू तक फैल जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चम्पापुर An ancient Digambar Jain place of pilgrimage near Bhagalpur, Bihar, where 5 auspicious events (Panchkalyanaks) of the life of Lord Vasupujyanath took place. वासुपूज्यनाथ तीर्थंकर की पञ्चकल्याणक स्थली, वर्तमान बिहार प्रांत में यह तीर्थ स्थित है. यहाँ भगवन वासुपूज्यनाथ के गर्भ एवं जन्मकल्याणक हुए हैं. इस क्षेत्र के नजदीक ही मंदारगिरि है जहां इन्हीं…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतिज्ञानावरण – Matigyanavarana. Obstructive Karmas of sensory knowledge. मतिज्ञान को रोकने वाला कर्म “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष संग्रह नय – Vishesha Samgraha Naya. A word or phrase used for expressing a collec- tive form of something like herd of elephants etc. दृष्टांतों के द्वारा प्रत्येक जाति के समूह को नियम से एक वचन के द्वारा स्वीकार, करके कथन करने वाला नय ” जैसे – हाथियों का झुण्ड, घोड़ों…
गौण Secondary, Concealed. जो मुख्या न हो, अनार्पित; विवक्षा से रहित ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकांचन- Manikaanchan.: Name of a city situated in the north of Vijayardh mountain , Name of summits of Rukmi and Shikhari mountains and its protecting deities. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर , शिखरी व रुक्मि पर्वत का एक कूट व उसके रक्षक देव का नाम “
गृहस्थ धर्मं Worldly or mundane life with religious observances. देवपूजा- गुरुपास्ती-स्वाध्याय-संयम-तप और दानरूप षट्कार्यों में प्रवृत्ति , पांच अणुव्रत , तीन गुणव्रत, ४ शिक्षाव्रतों का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समकित चैबीसी व्रत – Samakita Caubeesee Vrata. A particular procedural vow (fasting). एक वर्ष तक प्रत्येक चतुर्दशी को उपवास करना तथा “ओं ही वृषभादि चतुर्विशतिजिनाय नमः” मंत्र का त्रिकाल जाप करना।