द्वीपसागरप्रज्ञप्ति!
द्वीपसागरप्रज्ञप्ति A type of scriptural knowledge (shrutgyan). अंग श्रुतज्ञान का एक भेद, दृष्टिवाद (12 वें अंग) का एक भेद; जिसमें असंख्यात द्वीप व सागरों का 52 लाख 36 पदों में वर्णन है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वीपसागरप्रज्ञप्ति A type of scriptural knowledge (shrutgyan). अंग श्रुतज्ञान का एक भेद, दृष्टिवाद (12 वें अंग) का एक भेद; जिसमें असंख्यात द्वीप व सागरों का 52 लाख 36 पदों में वर्णन है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि नित्य पर्यायार्थिक नय – Saadi Nitya paryaayaarthika Naya. . a standpoint believing the existence of supreme soul. पर्यायार्थिक नय के 6 भेदो मे एक भेद। (परम भाव ग्राहक) शुद्व निश्चयनय को गौण करके, सम्पूर्ण कर्मों के क्षय से उत्पन्न तथा चरम शरीर के आकार रुप पर्याय से परिणत जो शुद्व सिद्व पर्याय है,…
ईर्यापथिक A type of repentance (Pratikraman). 7 प्रकार के प्रतिक्रमणों में एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदयचन्द्र Name of an Acharya of Nandi group, Name of a poet. नन्दी]संघ (देशीयगण) की नयकीर्ति शाखा के एक गुरू अपभ्रंश कवि इनकी प्रधान कृति सुअंधदहमीकहा है (समय ई. सन् ११५० ११९६) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऊनोदर Less eating of diet, Small fasting . अवमौदर्य तप भूख से कम खाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार रूचि –VistaraRuchi. Those having interest of thorough study. शिष्यों के तीन भेदों, में एक भेद, विस्तार से समझने की रूचि रखने वाले शिष्य “
उपेय-उपाय संबंध Mutual relation between goal & means . सिद्ध व साधक रूप में संबंध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हेमकीर्ति भट्टारक – Hemakirti Bhattaaraka. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंद्य बलात्कारगण ग्वालियर गट्ठी के एक भट्टारक। समय – वि. 1209।
द्विचरमावली A time period (last 2 Avali). अंतिम दो आवली। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]