नंदिभूति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिभूति – Namdibhuti Name of the 4th predestined Narayan. आगामी चतुर्थ नारायण ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिभूति – Namdibhuti Name of the 4th predestined Narayan. आगामी चतुर्थ नारायण ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैताढय –Vaitadhya Another name of Vijayardhmountain, Range of some particular mountains in the middle of HaimvatKshetra (region) etc. विजयार्ध पर्वत का अपरनाम, हेमवत आदि अन्य क्षेत्रो के मध्य शब्दवान आदि कुटाकार पर्वत भी वैताढय कहलाते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंशोधक – Svayammsodhaka. One who repents himself for his faults, not before the preceptor (it is an infraction). प्रायष्चित देने से पूर्व ही स्वंय प्रायष्चित लेने वाला स्वंय शोधक कहलाता है (यह एक अतिचार है)।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Doctrine of viewpoint, Synonym word for scriptural knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान का एक पर्यायवाची नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतति – Santati. Continued succession, offspring, descendants, lineage. परम्परा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदवती – Namdavati Name of a large well of Nandishvardvip (island). Name of a female deity of Ruchak mountain. नंदीश्वर द्वीप की वापी का नाम, रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी का नाम ”
[[श्रेणी:सूक्तियां]] ==जैन सूक्तियाँ== ==अंतरात्मा :== अन्तरबाहिरजप्पे, जो वट्टइ सो हवेइ बहिरप्पा। जप्पेसु जो ण वट्टइ, सो उच्चइ अंतरंगप्पा।। जो अंदर और बाहर के जल्प (विचन—विकल्प) में रहता है वह बहिरात्मा है। और जो किसी भी जल्प में नहीं रहता, वह अन्तरात्मा कहलाता है। अक्खाणि बहिरप्पा, अंतरअप्पा हु अप्पसंकप्पो। —मोक्खपाहुड : ५ इन्द्रियों में आसक्ति बहिरात्मा…
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == चाह : == ख्याति—पूजा—लाभं, सत्कारादि किमिच्छसि योगिन्। इच्छसि यदि परलोकम्, तै िंक तव परलोके ? —समणसुत्त : २३५ हे योगी ! यदि तू परलोक चाहता है तो ख्याति, लाभ, पूजा और सत्कार आदि क्यों चाहता है ? क्या इनसे तुझे परलोक का सुख मिलेगा ?
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव गुणपर्याय – Svabhaava Gunaparyaaya. Different natural forms of a matter. द्रव्यो के अगुरुंलधु गुण के अनंत अविभाग प्रतिच्छेदो की समय समय मे उत्पन्न होने वाली जो पर्याये है वह द्रव्यो की स्वभाव गुणपर्याय कही गयी है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदक – Namdaka Name Of a Saint, who used to take food in forest. मासोपवासी मुनि , इन्होंने वन में ही आहार लेने का नियम किया था ”