याम्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याम्य – समवषरण के तीसरे कोट मे दक्षिणी द्वार के 8 नामो मे एक नाम। Yamya-A name of southern door of the 3rd Kot in Samavasharan (assembly of lord arihant)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याम्य – समवषरण के तीसरे कोट मे दक्षिणी द्वार के 8 नामो मे एक नाम। Yamya-A name of southern door of the 3rd Kot in Samavasharan (assembly of lord arihant)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रांत – Vikraanta.: Courageous, victorious. साहसी ,विजेता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योनिभूत स्थान – मूल आदि को लेकर जितने बीज है उनमें जीव उत्पन्न होने की षक्ति के कारण वे योतिभूत स्थान कहलाते है। Yonibhuta sthana-place where creature are born or originate
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलप्रत्यक्ष –Vikalapratyaksha.: Self revealed knowledge (without the aid of sense organs)like clairvoyance,telepathy. जो ज्ञान रूपी पदार्थ को बिना किसी की सहायता से स्पष्ट जानता है “अवधिज्ञान व मनःपर्ययज्ञान विकल प्रत्यक्ष ज्ञान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मीदेवी – षिखरी पर्वत पुण्डरिक हद की देवी। केवल ज्ञान रूपी महालक्ष्मी के प्रतीक में निर्मित मूर्ति।जिनके मस्तक पर अरिहंत भगवान की मूर्ति होती है। Laksmidevi-A female divinity of Pundarik lake
घाटा The 6th Patal (layer) of the 4th hell. चौथे नरक का छठा पटल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रामरीवृत्ति:See – Bhramarahara. देखें – भ्रमराहार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षपर्वा – एक औशधि विद्या। Laksaparva- A medicinal knowledge
गुणपरावर्तन Transmission from one Gunsthan (spiritual stage) to another. एक विवक्षित गुणस्थान से अविवाक्षित गुणस्थान रूप परावर्तन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजकवृष्णि:Name of a king. मथुरा के स्वामी सुवीर के पुत्र तथा उग्रसेन के पिता “