रत्नसंश्रवा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध आहार – Shuddha Aahaara. Pure food to be taken by the saints. 9 कोटि से विशुद्ध आहार; जो मुनियों के संयम की रक्षा में कारण होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुमासिक प्रायष्चित – एक प्रकार की प्रायष्चित विधि। Laghumasika Prayascitta-A kind of repentance
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम–Yama. Renunciation of all consumables for whole life, Name of a protecting deity of Yamakgiri भोग व उपभोग्य वस्तुओ का जीवन पर्यन्त के लिए त्याग किया जाना, यमकगिरी का एक रक्षक देव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यास्त्रव व्रत – Punyasrava Vrata. A type of vows to be observed for particular 108 days for the earning of merits in the life. समरंभ, समारंभ, आरंभ को मन-वचन-काय से गुणा करने से प्राप्त ९ और फिर इस ९ में कृत, कारित, अनुमोदन से गुणा करने से प्राप्त २७ और २७ में क्रोध, मान,…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वानरवंश – Vaanaravansh.: Name of a dynasty of Vidyadhar kings. वानर चिन्हांकित ध्वजाओं को धारण करने वाले विद्याधर राजाओं का वंश ,इसका आरम्भ किष्कुपुर के विद्याधर राजा अमरप्रभ से हुआ था “जैसे हनुमान ,सुग्रीव,बाली आदि वानरवंशीय थे, उनके शरीर का आकर आदि वानर के जैसे नहीं था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुंडृ – Puindra. A type of sugarcane, Northem part of Bengal, A country of Bharat Kshetra in the east Aryakhand (region). एक प्रकार का गन्ना, वर्तमान बंगाल का उत्तर भाग, भरत क्षेत्र पूर्व आर्यखण्ड का एक देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योतिमती तिर्यंचनी तिरष्ची – भाव स्त्रीवेद के उदय तिर्यच, तिर्यचनी, जिनका द्रव्यवेद पुरूश स्त्री या नपुंसक कोई भी हो सकता है। Yonimati Tiryarhcani (tirasci)-Those Tiryanch beings who are female according to Bhav ved but who might be male, female or hermaphrodite according to Dravya ved
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्दता – Vishuddhata. Genuineness, Purity, Sacredness. पवित्र, निष्कलंकता “