ग्रन्थसम!
ग्रन्थसम A type of substantive identity of matter. द्रव्यनिक्षेप का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रन्थसम A type of substantive identity of matter. द्रव्यनिक्षेप का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गरिष्ठ रस Fatty foods (reg. edibles). घृत आदि से बने सभी पदार्थ गरिष्ठ रस कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिसुव्रत पुराण–Munisuvrat Puran. Name of a treatise written by Brahamchari Krishnadas. ब्र.कृष्णदास (ई. 1624) कृत 3025 श्लोक प्रमाण संस्कृत काव्य”
गमनागमन तप An austerity (physical mortification) journey on foot to pilgrimage without stoppage. कायक्लेश-तिर्थादि एक स्थान से दूसरे स्थान जाना और बिना विश्रान्ति के स्वस्थान लौट आना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व समास – Poorva Samaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान का अंतिम 20 वां भेद “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगशिरा–Mragshira. Name of a lunar. एक नक्षत्र; इसका अधिपति देवता सोम एवं आकार हिरण के सिर सामान है” भगवान्संभवनाथ का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था”
गणी (1) Gandhar (chief disciple of Tirthankar). (2) A knower of 11 Angas (parts of super knowledge). (3) Head of Gana or ascetic group. १) गणधर देव , इसी के अन्यावाची अन्य शब्द गणीश , गणेश , गणपति आदि भी हैं. २) ग्यारह अंग का ज्ञाता .३)साधु संघ का प्रमुख ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वधर – Poorvadhara. Saints possessing knowledge of Purvas (Parts of scriptual knowledge – shrutgyan). 14 पूएव के ज्ञाता मुनि ” वृषदेव समवसरण में 4750 पूर्वधर मुनि थे “
फालि द्रवय A part of Karmic aggregates. समुदाय रूप कर्म निषेकों का खण्ड। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ग The third consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का तीसरा व्यंजन अक्षर , इसका उच्चारण स्थान कंठ है । [[श्रेणी:शब्दकोष]]