योगपरिकर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिकर्म – मन वचन काय द्वारा आत्म प्रदेषो की चंचलता। Yoga parikarma-Vibration in soul points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिकर्म – मन वचन काय द्वारा आत्म प्रदेषो की चंचलता। Yoga parikarma-Vibration in soul points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुमान- सम्मान, सम्यग्ज्ञान के 8 अंगों में एक अंग, विनय; पवित्रता से हाथ जोड़कर मन को एकात्र करके बड़े आदर से धार्मिक ग्रंथो का अध्ययन करना। Bahumana- Paying much respect or reverence (to scriptural study etc.)
आधिकारिणी क्रिया Adoptation of violenceful instruments. हिंसा के उपकरणों को ग्रहण करना, आस्रव की 25 क्रियाओं में 8 वीं क्रिया।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्लेश – Sanklesha. Passionate or painful thoughts. असाता वेदनीय कर्म के बंध योग्य परिणाम या तीव्र कषाय रूप परिणाम का नाम संक्लेश है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषध प्रतिमा- श्रावक की 11 प्रतिमा में चौथी प्रतिमा; अश्टमी, चतुर्दषी के दिन शä किे अनुसार प्रोशधेपवास करना। उत्कृश्ट प्रोशध प्रतिमा में सप्तमी और नवमी को एक बार भेजन और अश्टमी को उपवास होता है। मध्यम में तीनों दिन एकाषन किया जाता है तथा जघन्य में अश्टमी को एक बार भोजन होता हैं। Prosadha…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नोच्चय – सुमेरू पर्वत का अप रनाम Ratnoccaya-The other name of Sumeru Mountain
दक्षिणार्ध Name of a summit & a deity of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत के एक कूट व देव का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिग्रह – मन वचन काय की स्वछन्द प्रवृत्ति को सम्यक् प्रकार से रोकना। Yoganigraha-Controlling the activities related to mind speech & body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेक्षागृह मण्डप- सभागृह। Preksgraha Mandpa- Assembly hall
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथपूर – विजयार्घ की दक्षिण श्रेणी के नगरों के नाम। Rathapura-Name of cities situated in southern Vijayvardha Mountain