बेल!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेल – Bela. Name of the initiation tree of Lord Shitalnath, The wood- apple tree and its fruit. शीतलनाथ भगवान के दीक्षा व्रक्ष का नाम ” एक प्रकार का गूदे वाला मीठा फल (बिल्वफल) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेल – Bela. Name of the initiation tree of Lord Shitalnath, The wood- apple tree and its fruit. शीतलनाथ भगवान के दीक्षा व्रक्ष का नाम ” एक प्रकार का गूदे वाला मीठा फल (बिल्वफल) “
उभारना To raise up, To rouse, To highlight प्रकाशित करना उठाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दानवीर Extremely charitable, A title, Philanthrophist. महान दानी व्यक्तियों की एक उपाधि, भामाशाह को यह उपाधि प्राप्त थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुपुत्र : == सयलजणनयणकडुयं नित्यामं तह पयायपरब्भट्ठं। नियतणयं धूमं पेच्छिऊण छारं गओ अग्गी।। —गाहारयणकोष : ८१० समस्त लोगों की आँखों को कडुवा लगने वाला, पुरुषार्थ रहित, प्रताप से भ्रष्ट अपने पुत्र धुएं को देखकर आग (लज्जा से) स्वयं जलकर राख बन गई है। (बड़े व्यक्ति भी अपने कुपुत्रों से…
आरा Name of a dwelling place of Pankprabha earth, Name of a city of Bihar state. पंकप्रभा पृथ्वी के प्रथम इन्द्रक का नाम बिहार राज्य के एक शहर का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणपथ – Nirvaana Patha. Path of salvation. संसार सर उपरत करने का अथवा परम सुख को प्राप्त करने का मार्ग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेण – Namdisena Name of the Acharya, 6th Balbhadra, Past-birth name of Lord Chandraprabhu & Lord Suparshvanath, the 3rd predestined Narayan. पुत्राट संघी एक आचार्य जितदण्ड के शिष्य और दीपसेन के गुरु, छठें बलभद्र का नाम, चंद्रप्रभु एवं सुपार्शव भगवान के पूर्व भव का नाम, भारतक्षेत्र के आगामी तीसरे नारायण ”
आदाननिक्षेपण Carefulness in performing activities (putting & taking articles) by Jaina saints. पाँच समितियों में एक समिति-शास्त्र,कमंडलु आदि उपकरणों को देख-भालकर पिच्छी से शोधन करके रखना-उठाना। यह जैन साधुओं का एक मूल गुण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपसमुद्र Sub-ocean, Large reservoir containing ocean water . समुद्र का जल-उछल-उछल कर समुद्र के समीप ही किसी गहरे स्थान में इकटठा हो जाने पर वह उपसमुद्र कहलाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आसिका A particular activity of a saint-taking permission from deities, householders etc. for passing through the way etc. मुनियों के आचार या समाचार का एक भेद, ठहरने की जगह से निकलते हुये देवता ग्रहस्थ आदि से पूछकर गमन करना अथवा पाप क्रियाओं से मन को रोकना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]