जयदेव!
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयंतिकी Name of a female divinity resident of Ruchak mountain. रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी महत्तरिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकप्रदेशत्व – Syaadekapradessatva. Uni-dimenstional nature of matter (in some aspect).द्रव्य का एक सामान्य-भेद कल्पना निरपेक्ष निश्चय नय की अपेक्षा एकत्व होने से कथंचित् एक प्रदेशत्व स्वभाव है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विविक्त शय्यासन – Vivikta Sayyasana. Isolated place for sleeping or rest. पांचवां बाहा तप-व्रत की शुध्दि के लिए, पशु, स्त्री आदि से रहित एकांत प्रासुक स्थान में साधु के द्वारा ध्यान – अध्ययन के लिए शय्या व आसन ग्रहण करना “
जड़ Non-sentient, fool, senseless material, Basic cause. जीव या संवेदना रहित पदार्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभावी विशेष – SahabhaaveeVishesha. Co-existing factor-the property of a matter in it. गुण; जो वस्तु के सर्व प्रदेशों में व उसकी सर्व अवस्थाओं में साथ-साथ रहता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमुख – Vimukha. Indifferent knowledge, contrary to known sub-jects. ज्ञेय विषयों से विभिन्न रूप वाले ज्ञान को विमुखज्ञान कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृति – Smrti. Memory, rememberance, recollection. मति, स्मृति, चिंता, संबा, अभिनिबोध ये एकार्थवाची है। दृष्ट, श्रुत और अनुभूत अर्थ को विषय करने वाले ज्ञान को स्मृति कहते है। देखे- स्मरण।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीधा अन्न – Bidha Anna. Non- edible cereals or grains infected by insects. धुना हुआ अन्न जो अभक्ष्य माना गया है “