उद्भेदिम!
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतक्षेत्र – Bharataksetra. Name of a great region. जंबूद्वीप के ७ क्षेत्रों में प्रथम क्षेत्र, इसके ५ म्लेच्छ, १ आर्य ऐसे ६ खंण्ड हैं “
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शरीर : == मांसास्थिकसंघाते, मूत्रपुरीषभूते नवच्छिद्रे। अशुचि परिस्रवति, शुभं शरीरे किमस्ति ? —समणसुत्त : ५२० मांस और हड्डी के मेल से निर्मित, मल—मूत्र से भरे, नौ छिद्रों के द्वारा अशुचि पदार्थ को बहाने वाले शरीर में क्या शुभ हो सकता है ?
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोक्षेत्र – Nokshetra. All 5 entities rather than ‘Sky’. आकाश द्रव्य के अतिरिक्त जीव, पुदगल, धर्मास्तिकाय, अधर्मास्तिकाय तथा काल द्रव्य नोक्षेत्र कहलाते है “
दीर्घ अक्षर A word with two syllables (Matra). दो मात्रा का अक्षर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयवादी – Vinayavadi. Particular follower of the vinayvad (policy of humility). एकांतमती; विनयवादियों के ३२ भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोइन्द्रिय – Noindriya. Dravya Man – a structural form of Man according to Jaina philosophy. द्रव्य मन; जो अंगोपांग नामकर्म के उदय से मनोवर्गणा से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय से बनता है, इसे ईषत् इन्द्रिय भी कहते है ” यह ह्रदय स्थान में अष्टदल कमल के आकार…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामकीतिै – नंदिसंघ के उज्जयनी गदद्ी के भटट्ारक का नाम। समय वि 857 Ramakirti-name of a Bhattarak of nandi group