भयद्विक्!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयद्विक् – Bhayadvik. Dyad of Karmic nature related to fear. भय, जुगुप्सा (कर्म प्रकृतियों से संबंधित) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयद्विक् – Bhayadvik. Dyad of Karmic nature related to fear. भय, जुगुप्सा (कर्म प्रकृतियों से संबंधित) “
द्रव्य अनुयोग One of the 4 expositions (Anuyogs) of Jainism, dealing with substances (matters) & metaphysics. 4 अनुयोगों में एक – पदार्थों के अस्तित्व तथा उनके प्रमाण का वर्णन अथवा शुद्ध-अशुद्ध जीव आदि छः द्रव्यों का वर्णन।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृत्त –Vrtta. Circle, A type of religious conduct. वर्तुलाकार, गोल, पापारम्भ के कार्यो से विरक्त होने में सहायक कर्म ” ये देव – पूजा आदि ६ होते हैं इनका आचरण करना वृत्त कहलाता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोगौण्य पद – Nogounya Pada. Meaningless words, not in accordance with the relative qualities. जिन संज्ञाओं में गुणों के अपेक्षा न हो अर्थात् जो असार्थक नाम है “
दीर्भाग्य Bad luck, Unfortune. दुर्भग नामकर्म रूप आदि गुणों से युक्त होकर भी अप्रीतिकंर अवस्था होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वध परिषहजय –Vadha Parishahajaya: To forbear the violent behaviour of other with equanimity (an affiction). अश्त्र – शस्त्र आदि के द्वारा घात किये जाने पर मारने वाले के प्रति साधु द्वारा आक्रोश न कर समता भाव से सहन करते रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नो इंद्रिय प्रणिधान – No Indriya Pranidhaan. Passionate volitions. क्रोध, मान, माया, लोभ, हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, तथा तीनों वेड, एन के परिणाम “
देहमान Investigation related to the body of beings. जीवों की शारीरिक अवगाहना का प्रमाण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेस्यागमन –Vesyagamana. .frequenting prostitutes, adulterous conduct. सप्तव्यसनों में एक व्यसन, व्यभिचारिणी स्त्रियों के यहाँ आना – जाना, उनसे बातचीत, लेन – देन आदि करना ” सद्ग्रह्स्त के लिय यह सर्वथा त्याज्न्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रमध्य व्रत – Vajramadhya Vrata A specified & procedural fasting. एक व्रत ;इसमें कुल 29 उपवास और 9 पारणाएं की जाती है ” विशेष विधि व्रत विधान संग्रह में देखें “