तिर्रूक् सूर्यतप!
तिर्रूक् सूर्यतप A type of austerity (pertaining to the walking in the day time). कायक्लेश सूर्य को तिर्यक् (दायंे-बायें ) करके गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्रूक् सूर्यतप A type of austerity (pertaining to the walking in the day time). कायक्लेश सूर्य को तिर्यक् (दायंे-बायें ) करके गमन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपाती – Pratipaatee. One falling from the stage of right conduct. सम्यकचारित्र से भ्रष्ट होकर असंयम में आने वाला “
तिरोभाव Concealment, Disappearance (by divine power). दैविक शक्ति अदृष्य हो जाना, शून्य हो जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिग्रह – Pratigrah. Acceptance, Receiving saints with respectful procedure for food offering. दिगम्बर जैन साधू-साध्वियों को आहार दान हेतु की जाने वाली नवधाभक्ति में से प्रथम भक्ति, जिसमे वर्तमान समय में “हे स्वामिन! ‘अत्र तिष्ठ, आहार जल शुद्ध है,” ऐसा कहकर साधू को आहार हेतु अपने घर मरण पधारने के लिए आह्वान किया जाता…
तार The 3rd Patal (layer) of the 4th hell. चतुर्थ नरक का तृतीय पटल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तर्क विरूद्ध Opposition against absolute facts of scriptures (related to Jain philosophy). आगम प्रामाणिकताओं में विरोध मानना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पचुड – Puspacura. A city in northern Vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुलाक – Pulaka. Saints not following the prescribed procedure completely. निर्ग्रन्थ साधु का एक भेद; जिनके मूलगुणों में कदाचित् दोष लग जाते हैं एवं उत्तरगुणों की भावना से रहित होते हैं तथापि ये भावलिंगी मुनि होते हैं “