तूर्य!
तूर्य A musical instrument. एक सुषिर बाद्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वहस्त क्रिया – Svahasta Kriyaa. Doing some work by oneself. साम्परायिक आस्रव सम्बन्धी 25 किं्रयाओ मे एक किं्रया, दूसरे के द्वारा करने योग्य कार्य को स्वयं संपादित करना।
देवदत्ता A reverential palanquin (pertaining to Lord Vimalnath). एक पालकी तीर्थंकर विमलनाथ इसी पर आरूढ़ होकर दीक्षा लेने हेतु सहेतुक वन गये थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांपरायिक – Saamparaayika. Mundane inflow, passionful influx. कषाय सहित अर्थात् जो कर्म संसार का प्रयोजक है वह साम्परायिक है।
चक्षुदर्शन Visionary conation, ocular perception. चक्षु इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का ज्ञान होने से पूर्व जियो सामान्य प्रतिभास होता है वह चक्षुदर्शन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
==चोरी== बिना दिये किसी की गिरी, पड़ी, रखी या भूली हुई वस्तु को ग्रहण करना अथवा उठाकर किसी को दे देना चोरी है। इस पाप के करने वाले चोर कहलाते हैं। अथवा Theft, Robbery, Stealth, Concealment. चोरी-रखे हुए , गिरे हुए , भूले हुए अथवा धरोहर रखे हुए परद्रव्य को हरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]] धर्मात्मा सुरेन्द्रदत्त सेठ…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठापन समिति- 5 समितियों में एक समिति; निर्जतुभूमि पर मल मूत्रादि का विसर्जन करना। pratisthapana samiti – carefulness in excertion of faces etc. body wastes (waste disposal)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदोष- ज्ञानावरण दर्षनावरण के आस्त्रव का कारण एक भाव; मन में द्वेश भाव का होना। pradosa – illusive or maliceful mentality
त्रैविद्यदेव Title for some Acharyas in Nandi sangh (group) etc. कतिपय आचार्यों की उपाधि जैसे नन्दि संघ के देशीयगण की गुर्वावली के अनुसार पाँच आचार्यों की उपाधि, कातंत्र रूपमाला व्याकरण के भावसेन – त्रैविद्य टीकाकार आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]