आठ शुद्धी!
आठ शुद्धी Eight particular kinds of purity related to mind, speech, body, food etc. मन, वचन की शुद्धि, आहार की शुद्धि, ईर्यापथ शुद्धि, व्युत्सर्ग शुद्धि, शयनासन शुद्धि, और विनयशुद्धि ये 8 शुद्धियाँ हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आठ शुद्धी Eight particular kinds of purity related to mind, speech, body, food etc. मन, वचन की शुद्धि, आहार की शुद्धि, ईर्यापथ शुद्धि, व्युत्सर्ग शुद्धि, शयनासन शुद्धि, और विनयशुद्धि ये 8 शुद्धियाँ हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमद- भविश्यकालीन प्रथम रुद्र। Pramada- Name of the first predestined Rudra
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाव- शाप औश्र अनुग्रह रुप शक्ति को पय्रभाव कहते हैं। Prabhava- Efficacy, Effect
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्त्रनाम स्तव – Sahasranaama Stava. Name of an eulogical treatise written by Pandit Ashodhar. प0 आशाधर (ई0 1173-1243) द्वारा रचित संस्कृत छंदबद्ध ग्रंथ जिसमें 1008 नामों द्वारा भगवान का स्तवन किया गया है। इस पर आचार्य श्रुतसागर (ई0 1473-1533) ने टीका लिखी है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभू – Sahabhoo. Co-existing one. सहभावी, न्वयी, गुण, सहभू तथा अर्थ ये सब षब्द अर्थ की दृष्टि से एकार्थक होने के कारण एकार्थवाचक है।
नवधाभक्ति- मुनिराज का पडगाहन करना,उन्हें उच्चस्थान पर विराजमान करना, उनके चरण धोना, उनकी पूजा करना, उन्हें नमस्कार करना, अपने मन-वचन काय की शुद्धि और आहार की विशुद्धि रखना, इस प्रकार दान देने वाले के यह नौ प्रकार का पुण्य अथवा नवधाभक्ति कहलाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयत्याग – Vishayatyaga. Renunciation of sensual enjoyments. भोगाकांक्षा का त्याग करना उसमें रागादि भाव नहीं करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादुर्भाव- नई पर्याय का उत्पाद होना। Pradurbhava- Origination, evolution
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्द परिणाम – Vishuddha Parinama. Passionfree pure results. निर्मल, पवित्र जीवन के परिणाम अर्थात् कषाय या संक्लेश परिणामों या भावों की मंदता “
द The eighteenth consonant of the Devanagari syllabary. देव नागरी वर्णमाला का अठारहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]