रूपमद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुराणसंग्रह – Puranasamgraha. Name of books pertaining to the life history of Jaina-Lords. आचार्य दामनन्दि, श्रीचन्द्र आदि आचार्यों द्वारा २४ तीर्थंकरों के जीवन चरित्र के आधार पर रचित इस नाम के कई ग्रंथ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल्ल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गं्रथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाभाव छेदना – Pragyaabhaava Chhedanaa. Sagacious knowledge related to 6 entries (dravyas). मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान और केवलज्ञान के द्वारा छह द्रव्यों का ज्ञान होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्ता (कुंड) – 32 विदेह की 64 नदियो में रक्ता नदी का कुण्ड जो नील व निशध पर्वत के मूल भाग में स्थित है। Rakta (Kumda)-A wide mouthed pool situated in the base part of Neel & Nishadh Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजस्वला स्त्री – देखे – पुश्यवती स्त्री Rajasvala Stri-Menstrous women
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रम्यक क्षेत्र – जम्बुद्वीप के क्षेत्रों मे नील रूक्मि कुलाचल के मघ्य स्थित 5 वां क्षेत्र। यहां मघ्यम योग भूमि रहती है। Ramyaka ksetra-Name of the 5th region of jambudvip (island)
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोह-विजय : == णिस्सेसखीणमोहा, फलिहामलभायणुदयसमचित्तो। —पंचसंग्रह : १-१५ जिसने सम्पूर्ण मोह को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, उस निर्मोही का चित्त स्फटिक मणि के पात्र में रखे हुए स्वच्छ जल की भाँति निर्मल हो जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदकल्पना – सापेक्ष – अशुद्ध – द्रव्यार्थिक नय –A kind of viewpoint which differentiate the relation of properties (virtues) and its possessor (matter). नय; जो द्रव्य में गुण-गुणी का भेदकर के उनमेंसम्बधं स्थापित करता है, जैसे द्रव्य गुण व पर्याय वाला है अथवा जीव ज्ञानवान्है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषांग:See – Bhusanamga jati kalpvraksh. देखें – भूषणांग जाति कल्प वृक्ष।