उपयोग (शुभ)!
उपयोग (शुभ) Gracious attention. दया दान पूजा व्रत शील आदि रुप रागरुप परिणाम होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपयोग (शुभ) Gracious attention. दया दान पूजा व्रत शील आदि रुप रागरुप परिणाम होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोक्षसप्तमी व्रत–Mokshasaptami Vrat. A famous fasting of Jains to be observed for 7 years. 7 वर्ष पर्यन्त प्रतिवर्ष श्रावण शु. 7(पार्श्वनाथभगवान् का मोक्षकल्याडक दिवस) को उपवास करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाधा- इष्ट पदार्थो की उपलब्धि में अंतराय। Badha- Obstacle, Restriction, Difficulty
उपपादसभा Hall of genesis (origin) . कल्पवासी देवों के चैत्यालय में सुधर्मा सभा के ईशान दिशा में उपपाद सभा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपकार Beneficence, favour, Kindness. भला उपग्रह धर्म द्रव्य गतिरूप से तथा अधर्मद्रव्य स्थिति रूप से जीव और पुद्गल का उपकार करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संगीत समयसार – Sangeeta Samayasaara. Name of a book written by Parshvadev on music. पार्श्वदेव द्वारा (ई.श. 12 अंतपाद) संगीत शास्त्र विषयक संस्कृत भाषाबद्ध रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्ताव- अभिमत, प्रमाण के फलरुप से जिसका ग्रहण किया जाता है ऐसा हेयोपादेय तŸव का निर्णय प्रस्ताव है। Prastava- proposal, suggestion
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रश्नव्याकरण- द्वादषांग श्रुतज्ञान का दसवां अंग; जिसमें युä अिैर नयों के द्वारा अनेक प्रष्नों का उत्तर दिया गया है। Prasnavyakarana- A type of scriptural knowledge pertaining to answering the question
उपचितावयन पद Specified terms of organ diseases etc. रोगादि के निमित्त मिलने पर किसी अवयव के बढ़ जाने से जो नाम बोले जाते हैं जैसे गलगंड लम्बकर्ण आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुफणा- बहुत सारे फण सहित। जैसे-शत या सहस्त्रफण वाले पाश्र्र्नाथ भगवान की प्रतिमाए। Bahuphani – Multi-headed