लोभ प्रत्याख्यान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभ प्रत्याख्यान –Lobha Pratyaakhyaana. Renunciation of greed . सत्यव्रत की रक्षार्थ एक भावना ;लोभ के त्याग की भावना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभ प्रत्याख्यान –Lobha Pratyaakhyaana. Renunciation of greed . सत्यव्रत की रक्षार्थ एक भावना ;लोभ के त्याग की भावना “
देशत्याग Gradual renunciation of sins (duty of householder). श्रावक धर्म पापों का कुछ अंशों में त्याग करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकालोक विभाग – Lokaaloka Vibhaag.: The universal & non –universal spaces. आकाश द्रव्य के लोक और आलोक का विभाग अर्थात् लोकाकाश और अलोकाकाश “
उपसंपदा Submission . साधुओं के औधिक समाचार का एक भेद गुरूओं को आत्म समर्पण कर आज्ञानुसार आचरण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवचंद्र Name of the disciple of ‘Maghnandi Kolhapuriya’. ई. 1133-1163 में माघनन्दि कोल्हापुरीय के शिष्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आहारक द्विक् Dyad assimilation pertaining to Aharak Sharir. आहारक शरीर आहारक अंगोंपांग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति – Nirvrtti. Formative sense, Subtype of physical sense. नामकर्म के द्वारा होने वाली रचना विशेष (इंद्रिय) को निर्वृत्ति कहते है ” जसे-आँख की पुतली आदि “
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दार्शनिक श्रावक See – Dar¹ana ©råvaka. देखें – दर्शन श्रावक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धि – Buddhi. Wisdom, Intelligence. ज्ञान, जिसके द्वारा समस्त पदार्थ के बारे में जाना जाता है “