बोधचतुष्क!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधचतुष्क – Bodhacatuska. A quartet of knowledges i.e. sensory, scriptural, clairvoyance,& telepathic. मति , क्षुत, अवधि , मन: पर्ययज्ञान ये ४ ज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधचतुष्क – Bodhacatuska. A quartet of knowledges i.e. sensory, scriptural, clairvoyance,& telepathic. मति , क्षुत, अवधि , मन: पर्ययज्ञान ये ४ ज्ञान “
दक्ष Skilled one, expert, A king of Hari dynasty. कुशल, मुनिसुव्रतनाथ भगवान का पोता, हरिवंष का एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीसपंथ – Bisapamtha. Name of an ancient Digambar Jaina sect hav-ing tradition of worshipping the Lord with offer-ing flowers, fruits , food articles etc. दिगम्बर जैनधर्म में प्रचलित अभिषेक पूजा की प्राचीन पध्दति , इस पंथ को मानने वाले अनुयायी प्राचीन आगम परम्परानुसार भगवन का पंचामृत अभिषेक करते हैं , पूजन में…
उत्कृष्ट विभक्ति Highest division. समस्त निषेकों के प्रदेशों के काल को उत्कृष्ट स्थिति विभक्ति कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उल्कापात The falling of a meteor . उल्कापिंड का टूट कर गिरना जो अजितनाथ आदि तीर्थंकारों के वैराग्य का कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरण स्वर्ग Name of a heaven, its 2nd layer (Patal) & an aboding place. स्वर्ग का पन्द्रहवां कल्प, आरण स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लेपन – Nirlepana. State of absolute completation (reg. food, body, senses etc.) आहार, शरीर, इंद्रिय और श्वासोच्छ्वास अपर्याप्तियों की निवृति (धवला पु. 14) “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्वाध्याय : == पूजादिषु निरपेक्ष:, जिनशास्त्रं य: पठति भक्त्या। कर्ममलशोधनार्थं, श्रुतलाभ: सुखकर: तस्य।। —समणसुत्त : ४७६ आदर—सत्कार की अपेक्षा से रहित होकर जो कर्मरूपी मल को धोने के लिए भक्तिपूर्वक जिनशास्त्रों को पढ़ता है, उसका श्रुत—लाभ स्व—पर सुखकारी होता है।