संक्षेप रुचि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप रुचि – Sanksepa Roochi. To have interest in understanding by summarized exposition. संक्षेप कथन से समझने की रुचि होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप रुचि – Sanksepa Roochi. To have interest in understanding by summarized exposition. संक्षेप कथन से समझने की रुचि होना “
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुशिष्य : == देंतोच्चिय उवएसं हवइ कयत्थो गुरु सुसीसाणं। विवरीयाण निरत्थो दिणयरतेओ व्व उलुयाणं।। —पउमचरिउ : ५०५ सुशिष्यों को उपदेश देने पर गुरु कृतार्थ होता है, किन्तु जिस तरह उल्लू के लिए सूर्य निरर्थक होता है, उसी तरह विपरीत अर्थात् कुशिष्यों को उपदेश देने पर वह निरर्थक हो जाता है।…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिसंघ – Namdisamgha A group of Digambara jain Saints. दिगम्बर जैन साधुओं का एक संघ ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन – Sankalana. Compilation, Integration. जमा करना, परस्पर राशियों को जोड़ना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदा – Namda Name of a river of Bharat kshetra in Aryakhand (region), A large well in Nandishvardvip (island), A female deity of Ruchak mountain , Mother’s name of Lord sheetalnath, A type of exposition. भारतक्षेत्र अर्यखण्ड की एक नदी, नंदीश्वर द्वीप की एक दिशा में स्थित एक वापी, रुचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठ भक्त – Sastha Bhakta. A particular & procedural vow (fasting) to be observed for two days. दो उपवास की चार भुक्ति एवं एक दिन पूर्व व एक दिन बाद की एक-एक भुक्तियाँ, इस प्रकार कुल 6 भुक्तियों का त्याग षष्ठ भक्त कहलाता है, इसी को षष्ठ बेला भी कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध योग्य प्रकृति- 8 कर्मो की 120 कर्म प्रकृतियां बंध योग्य कहलाती है। Bandha Yogya Prakrti- Karmic nature causing binding
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पौष्टिक आहार – Paustika Ahara. Ncurishing food or invigorating food. पोषक, बलवर्धक आहार “