धारा नगरी!
धारा नगरी Present Dhar city in Madhya pradesh, where Mantun-gacharya composed Bhaktamar Stotra. मध्यप्रदेश का एक नगर जहां के कारावासस में मानतुंग आचार्य द्वारा भक्तामर स्तोत्र की रचना हुई। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धारा नगरी Present Dhar city in Madhya pradesh, where Mantun-gacharya composed Bhaktamar Stotra. मध्यप्रदेश का एक नगर जहां के कारावासस में मानतुंग आचार्य द्वारा भक्तामर स्तोत्र की रचना हुई। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयार्धगिरि – Vijayaardha Giri.: A great & beautiful silvery mountain in the middle of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र के मध्य स्थित एक रमणीक पर्वत ,यह 25 योजन ऊँचा ,50 योजन चौड़ा और सवा छः योजन गहरा चांदी के सामान है “जम्बूद्वीप में विदेह क्षेत्र सम्बन्धी 32 तथा भरत –ऐरावत क्षेत्र का एक – एक…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंजूषा : Main city of Manglavart country of east Videh region Box. पूर्व विदेह के मंगला व्रत देश की प्रधान नगरी, पेटी “
धातकीखंड (द्वीप) An island situated in middle universe. मध्यलोक में स्थित द्वितीय द्वीप जिसकी सब रचना जम्बूद्वीप से दूनी-दूनी हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध पारिणामिक भाव – Shuddha Paarinaamika Bhaava. Eternal nature of a matter. अनादिकालीन पारिणामिक स्वभाव; उसका व्यय और उदय नहिन होता किन्तु वह स्थिर रहता है जिसे ध्रौव्य कहते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगरस:A kannad poet who wrote ‘Nemi Jineshwar Sangati’ etc. books. नेमि जिनेश्वर संगति और सम्यक्त्व कौमुदी के रचियता एक कन्नड़ कवि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्षेपिणी कथा – Vikshepinii Kathaa.: Right religious speech which emphasizes on right principles. 4 धर्मकथाओं में एक धर्मकथा;ऐसी कथाओं से मिथ्यामतों का खंडन किया जाता है “
धर्मवीर्य Name of the main listener in the assembly (Samavasharan) of Lord Padmaprabhu. पद्मप्रभु भगवान के मुख्य श्रोता का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकल्पनय – Vikalpanaya.: One of the standpoints considering soul as man (child ,young or old aged). 47 नयों में एक नय;जो आत्मद्रव्य को बालक ,कुमार ,वृद्ध ऐसे एक पुरुष की भांति सविकल्प मानता है “
धर्मफल Attainment of all virtuous things (reg. wealth, health, beauty etc.). राज्य, संपदाएं , भोग्य, योग कुल में जन्म, सुरूपता, आयु, आरोग्य आदि की उपलब्धि (धर्म पालन के पुण्य से प्राप्त)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]