पंच अतिचार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अतिचार – Pancha Atichaar. Five kinds of infractions related to vows. पाँच दोष, प्रत्येक व्रत के पांच-पांच अतिचार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अतिचार – Pancha Atichaar. Five kinds of infractions related to vows. पाँच दोष, प्रत्येक व्रत के पांच-पांच अतिचार “
चतुर्दश गुणस्थान Fourteen Gunsthan-stages of spiritual developments. १४ गुणस्थान ; मिथ्यात्व , सासादन , मिश्र , अविरत सम्यग्दृष्टि , देशाविरत , प्रमत्त , अप्रमत्त, अपूर्वकरण , अनुवृत्तिकरण, सूक्ष्म-साम्पराय , उपशांत मोह , क्षीणमोह , संयोगकेवली, आयोगकेवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रवचन – SutraVachana. Scriptural facts. आगम वचन या आगम प्रमाण ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पीपल – Pipala. Name of a initiation tree of Lord Anantnath, A type of figs, non-edible according to Jainology. अनन्तनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम, ५ उदम्बर फलों में एक फल का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावना पध्दति – Bhavana Paddhati. Name of a treatise written by Bhattarak Padmanandi. भट्टारक पधनन्दी (ई. १३२८-१३९८) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिष्टपेषण – Pistapesana. The act of grinding what has already been ground, useless repetition. किये हुए अर्थ या कार्य को निरर्थक रूप से दुबारा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंका – 1 जम्बुद्वीप के लवण समुद्र के अन्दर स्थित राक्षस द्वीप की नगरी यहां का राजा रावण था। 2 वर्तमान मं लंका नगरी जो भारत के दक्षिण में स्थित है जिसे श्रीलेका के नाम से जाना जाता है। रावण की लंका यह नही है क्योकि यह लवण समुद्र में थी। Lamka-name of a…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म राग – Sukshma Raaga. Slight attachments. 7 वे से 10 वें गुणस्थान तक होने वाला अबुद्धिपूर्वक राग सूक्ष्म राग कहलाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिच्छिका – Picchika. An auspicious article made with pecock- feathers which are turned down naturally while dancing of a pecock. it is used by Digambar Jaina saints. दिगम्बर साधु- साध्वियों की पहचान का बाहा चिन्ह, यह मयूर के द्वारा स्वतः छोड़े गए पंखो से बनायीं जाती है एवं जीवदया पालन हेतु संयम का उपकरण…