संसारानुप्रेक्षा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृद्धि – हानि – Vrddhi – Haani Increasing & decreasing (pertaining to clairvoyance and 6 particular virtues etc.) षटगुण हानि वृद्धि; अविभाग प्रतिच्छेदों मे वृद्धी हानि का नाम ही षटगुण हानि व्रद्धि हैं, क्षयोपशम अवधिज्ञान के भेद, वर्धमान और हियमान” जो विशुद्ध परिणामों से बढता है वह वर्धमान एवं जो संक्लेश परीणामो…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान संक्रमण:Particular transition to other place (reg. other sangrah Krishti).संक्रमण का एक भेद । दूसरी अन्य संग्रह कृष्टियों में या पर रूप परिणमन करना ।
त्रिज्ञानसिद्ध A type of salvated beings (possessing three basic knowledges). भूतप्रज्ञापननय की अपेक्षा से तीन ज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उदीरणा मरण See – Kadalighåta (Mara¿a). देखें- कदलीघात (मरण)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर – Shareera. Body, it is of five kinds-Audarik, Vaikriyik, Aharak, taijs & Karman. सप्तधातु से निर्मित देह, यह 5 प्रकार का होता है – औदारिक, वैक्रियिक, आहारक, तैजस और कार्माण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरावती – Sharaavatee. The ancient name of present Shravasti (the birth place of Lord sambhavnath) near district baharaich (U.P.). भगवान संभवनाथ की जन्मभूमि श्रावस्ती का अपरनाम, यह उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लव – किचित, सात स्तोक प्रमाण काल परित्यक्त सीता के गर्भ से पुण्डरिक के राजा वज्रसंघ के घर उत्पन्न रामचन्द्र के जुडवां पुत्रों लवणांकुष व ननदांकुष में से एक । सामान्यत लवणाकुष को लव और ननदांकुष को कुष के नाम से जाना जाता है। Lava-A unit of time, The son of Lord Ram &…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परलोक भय:A kind of insecurity (fear) related to the future birth. सप्त भयों में एक भय, परभव मेें न मालूम क्या होगा ऐसा भय होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्तशिला – सुमेंरू पर्वत के पाण्डुक वन में स्थित एक षिला, इस पर पूर्व विदेह क्षेत्र के तीर्थकरो का जन्माभिशेक किया जाता है। Raktasila-name of an auspicious large stone (related to the birth anointment ‘Janmabhishek of jaina lords of Videh Kshetra-a region